केदारनाथ पैदल मार्ग पर गौरीकुंड के पास छौड़ी क्षेत्र में भूस्खलन के कारण यात्रा करीब 8 घंटे तक बाधित रही। डीडीआरएफ और प्रशासन ने मलबा हटाकर मार्ग को दोबारा सुचारू कर दिया है। श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने की अपील की गई है।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Kedarnath Trek Route Reopens After Landslide
रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश का असर चारधाम यात्रा पर भी देखने को मिल रहा है। केदारनाथ पैदल मार्ग पर गौरीकुंड से लगभग एक किलोमीटर आगे छौड़ी क्षेत्र में पहाड़ी से भारी बोल्डर और मलबा गिरने के कारण मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया था। करीब 8 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद प्रशासन ने मार्ग को दोबारा खोल दिया, जिसके बाद रुके हुए श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली।
Kedarnath Trek Route Reopens After Landslide
मंगलवार देर रात हुई तेज बारिश के कारण छौड़ी क्षेत्र में अचानक भूस्खलन हुआ, जिससे केदारनाथ जाने वाला पैदल मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल आवाजाही रोक दी और सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया।
डीडीआरएफ, पुलिस और मजदूरों ने संभाला मोर्चा
बुधवार सुबह से डीडीआरएफ, पुलिस और मजदूरों की संयुक्त टीम राहत और बहाली कार्य में जुट गई। लगातार कई घंटों तक चले अभियान के दौरान भारी बोल्डर और मलबा हटाया गया। सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद पैदल मार्ग को फिर से श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। आगे पढ़िए..
प्रशासन ने यात्रियों से की सावधानी बरतने की अपील
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि लगातार प्रयासों के बाद मार्ग को सुरक्षित बनाकर सुचारू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यात्रा प्रशासन की निगरानी में संचालित की जा रही है और श्रद्धालुओं से मौसम की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
बारिश से पहाड़ों में बढ़ी मुश्किलें
लगातार हो रही बारिश के कारण उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हो रहा है। कई सड़कें और पैदल मार्ग भूस्खलन एवं मलबा आने से बार-बार बंद हो रहे हैं। वहीं नदियों और नालों का जलस्तर भी बढ़ गया है, जिससे चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने सभी राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखा है।