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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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हल्द्वानी: हल्द्वानी की रेलवे भूमि पर अतिक्रमण कर बैठे लोगों के घरों के ऊपर रेलवे और सरकार द्वारा बुलडोजर चलाने की तैयारी की जा रही है।
जी हां, रेलवे स्टेशन हल्द्वानी के निकट 29 एकड़ भूमि पर अतिक्रमण हो रखा है और इसमें तकरीबन 5000 परिवार रह रहे हैं। इस भूमि पर अतिक्रमण हटाने की तैयारी की जा रही है। आरटीआई एक्टिविस्ट रविशंकर जोशी की जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने अतिक्रमण हटाने के आदेश दे दिए हैं और इस अतिक्रमण हटाने के लिए 23 करोड रुपए का खर्चा तय किया गया है। जी हां बुलडोजर की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी को मिली है। रेलवे भूमि पर अतिक्रमण हटाने के लिए जैसे ही बुलडोजर के लिए टेंडर निकाले जाने की खबर मिली वैसे ही बस्तियों में खलबली मच गई है। रेलवे के अनुरोध पर लोक निर्माण विभाग ने टेंडर निकाले हैं। बता दें कि रेलवे स्टेशन हल्द्वानी के पास 29 एकड़ भूमि पर अतिक्रमण हो रखा है और उसमें 5000 परिवार रह रहे हैं। आगे पढ़िए
कोर्ट ने अतिक्रमण हटाने के आदेश दे दिए हैं जिसके बाद जिला प्रशासन और रेलवे सक्रिय हो गया है और अतिक्रमण हटाने की तैयारियों में जुट गया है। जिला प्रशासन के अनुसार अतिक्रमण हटाने में तकरीबन 23 करोड़ रुपए खर्च होने हैं।।अतिक्रमण के मामले में कोर्ट में सुनवाई चल रही है और कोर्ट ने 15 जून की तिथि तय की गई है। 15 जून को सुनवाई के बाद तस्वीर साफ हो पाएगी। इसके बावजूद रेलवे एवं प्रशासन ने तैयारियां जारी रखी हैं।अतिक्रमण हटाने के लिए आने वाली सुरक्षाकर्मियों के लिए वाहन, भोजन व्यवस्था के लिए 18.50 करोड़ रुपये का आकलन किया गया है। अगर रेलवे इसका इंतजाम करता है तो पुलिस महकमे का खर्चा कम हो जाएगा। बैठक में रेलवे अधिकारियों ने उच्चाधिकारियों से इसे लेकर वार्ता का आश्वासन दिया है। बैरिकेडिंग में 50 लाख रुपये खर्च होंगे। बाकी अन्य खर्च भी तय किए गए हैं।