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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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देहरादून: केंद्र सरकार कम आबादी वाले शहरों में मेट्रो नियो ट्रेन चलाने की तैयारी कर रही है। देहरादून में भी तैयारियां पूरी हैं। सबकुछ ठीक रहा तो अगले तीन साल में देहरादून में मेट्रो सेवाएं शुरू हो जाएंगी।
देहरादून-ऋषिकेश-हरिद्वार के बीच मेट्रो रेल परियोजना का काम जल्द शुरू होगा। योजना के तहत पहले दो रूटों पर मेट्रो नियो चलाई जाएगी। उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने तैयारी कर ली है। अगले एक साल में मेट्रो नियो का काम धरातल पर दिखने लगेगा। स्थानीय लोगों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि मेट्रो नियो के संचालन से कनेक्टिविटी में सुधार होगा। सार्वजनिक परिवहन सेवाएं बेहतर होंगी, जिससे लोगों को राहत मिलेगी। उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के एमडी जितेंद्र त्यागी ने कहा कि हमारी ओर से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी गई थी, जिसे मंजूरी दे दी गई है। ऊधमसिंहनगर के बाद हरिद्वार राज्य का दूसरा सबसे बड़ा औद्योगिक केंद्र है। हरिद्वार में काम करने वाले लोग बसों या अन्य सार्वजनिक परिवहन से आवाजाही करते हैं। Dehradun Haridwar Rishikesh Neo Metro Project चलने से लोगों का सफर सुखद होगा। अगले तीन साल में राजधानी देहरादून के अलग-अलग रूटों पर मेट्रो नियो चलने लगेगी। उत्तराखंड मेट्रो रेल कारपोरेशन (यूकेएमआरसी) की ओर से सबसे पहले देहरादून में दो रूटों पर मेट्रो नियो का संचालन किया जाएगा। बता दें कि मेट्रो नियो सिस्टम रेल गाइडेड सिस्टम है, जिसमें रबड़ के टायर वाले इलेक्ट्रिक कोच होते हैं। सामान्य सड़क के किनारों पर फेंसिंग करके या दीवार बनाकर इसका ट्रैक तैयार किया जा सकेगा। इसमें ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम होगा, जिससे स्पीड लिमिट भी नियंत्रण में रहेगी। मेट्रो नियो यात्रियों को 70 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से उनके गंतव्य तक पहुंचाएगी।