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Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
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हरिद्वार: हरिद्वार के लोगों के लिए एक अच्छी खबर सामने आ रही है। Preparation to bring pod taxi project in Haridwar हरिद्वार में सरकार पॉड टैक्सी चलाने का प्रस्ताव बना रही है। इसका काम लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुका है। 21 किमी. के रूट के लिए तकरीबन 1650 करोड़ रुपए खर्च होंगे।उत्तराखंड मेट्रो रेल कारपोरेशन के प्रस्ताव पर आवास विभाग हरिद्वार में पॉड टैक्सी चलाने का प्रस्ताव कैबिनेट में रखने जा रहा है। इसके बाद पीपीपी मोड के इस प्रस्ताव के लिए टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। दरअसल प्रदेश सरकार हरिद्वार के प्रमुख मंदिरों को जोड़ते हुए, यहां पर यातायात के लिए पॉड टैक्सी चलाने की तैयारी कर रही है। विदेश मॉडल से इंस्पायर होने के बाद उत्तराखंड मेट्रो रेल कारपोरेशन ने ज्वालापुर से भारत माता मंदिर भूपतवाला तक 21 किमी के ट्रैक का प्रस्ताव तैयार किया है। आगे पढ़िए
Haridwar Pod Taxi प्रस्ताव राज्य सरकार के विभिन्न विभागों से से मंजूरी के बाद अब कैबिनेट में रखा जाएगा। मेट्रो के एमडी जितेंद्र त्यागी के मुताबिक, पॉड एक तरह से ड्राइवर लेस केबिल टैक्सी है। और एक पॉड में छह सवारियां तक बैठ सकती हैं। इस रूट पर ऐसे 20 टैक्सी चलाई जा सकती है। आपको बता दें कि पॉड टैक्सी कई पश्चिमी देशों में सार्वजनिक परिवहन का एक बेहतरीन उदाहरण है। यह होती तो कार के आकार की है मगर इसमें ड्राइवर नहीं होता। यह स्टील ट्रैक पर चलती है। इसके लिए हरिद्वार में एलिवेटेड स्टील ट्रैक बनाया जाना है। ट्रैक के ऊपर ही 20 स्टेशन भी बनेंगे। यह ट्रैक मुख्य रूप से सड़कों के ऊपर ही बिछाया जाएगा। कई कंपनियों ने इस पर रुचि दिखाई है। इसकी शुरुआती लागत 1650 करोड़ रुपये आंकी गई है। बता दें कि हरिद्वार के मंदिरों में टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा लाया जाने वाला पॉड टैक्सी का प्रस्ताव हरिद्वार के नागरिकों के साथ टूरिस्टों को भी आकर्षित करेगा। इस प्रस्ताव के बाद हरिद्वार में सैलानियों की संख्या में इजाफा की उम्मीद की जा रही है।