अभी क्योंकि मेरठ और बरेली में Defense Estate Office है। लोगों को मेरठ और बरेली पर निर्भर रहना पड़ता है। अब Uttarakhand में पहला रक्षा संपदा कार्यालय खुलने जा रहा है।
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कोमल नेगी
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Image: First Defense Estate Office to open in Uttarakhand
देहरादून: केंद्र की मदद से उत्तराखंड में बड़ी परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। इसी कड़ी में उत्तराखंड को एक और सौगात मिली है। राज्य में दो रक्षा संपदा कार्यालय खुलने जा रहे हैं।
Defense Estate Office to open in Dehradun
प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलने के साथ आदेश जारी हो गया है। एक रक्षा कार्यालय देहरादून में खुलेगा, जबकि उप रक्षा संपदा कार्यालय रानीखेत में होगा। दून में रक्षा संपदा कार्यालय खोलने की मांग लंबे समय से उठ रही थी। अब रक्षा मंत्रालय ने डीईओ मेरठ और डीईओ बरेली से देहरादून और रानीखेत को अलग करते हुए नया कार्यालय खोलने का निर्णय लिया है। देहरादून में खुलने वाले मुख्य रक्षा संपदा कार्यालय में कुल 27 कर्मचारी तैनात होंगे। शुरुआती चरण में डीईओ मेरठ और डीईओ बरेली से कुछ कर्मचारियों का ट्रांसफर देहरादून किया जाएगा। कुछ नए स्टाफ की भी भर्ती होगी। डीईओ देहरादून के अंतर्गत चमोली, देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल और उत्तरकाशी क्षेत्र आएंगे। इसमें चकराता, क्लेमेनटाउन, देहरादून, लंढौर, लैंसडौन, रुड़की, नैनीताल, अल्मोड़ा और रानीखेत कैंट बोर्ड होगा।
देहरादून, जोशीमठ, रायवाला और हर्षिल मिलिट्री स्टेशन भी इसके अधीन होंगे। रानीखेत में खुलने वाले उप कार्यालय के तहत नैनीताल, अल्मोड़ा, ऊधमसिंहनगर, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चंपावत क्षेत्र आएंगे। आपको बता दें कि छावनी परिषद, रक्षा संपदा कार्यालय यानी डीईओ के अधीन ही आती है। रक्षा भूमि का सारा रिकॉर्ड रक्षा संपदा विभाग रखता है। इस विभाग के पास रक्षा भूमि प्रबंधन का जिम्मा है। अभी क्योंकि मेरठ और बरेली में रक्षा संपदा कार्यालय है, इसलिए आम लोगों के साथ सेना व कैंट बोर्ड के अधिकारियों को डीईओ मेरठ और बरेली पर निर्भर रहना पड़ता है। दून में रक्षा संपदा कार्यालय खुलने का आदेश जारी होने पर कैंट क्षेत्र के निवासियों ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट का आभार जताया है। दून में मुख्य कार्यालय और रानीखेत में उप कार्यालय खुलने से रक्षा संपदा संबधी काम में सहूलियत होगी। अभी क्योंकि मेरठ और बरेली में Defense Estate Office है। लोगों को मेरठ और बरेली पर निर्भर रहना पड़ता है। अब Uttarakhand में पहला रक्षा संपदा कार्यालय खुलने जा रहा है।