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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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देहरादून: देहरादून शहर जाम की समस्या से हांफ रहा है। वीकेंड करीब आता है तो यहां हर तरफ जाम दिखाई देने लगता है, जाम से निजात के लिए तमाम योजनाएं भी बनाई गईं, लेकिन ये कारगर साबित नहीं हुईं।
अब सरकार ने इस समस्या के समाधान के लिए राजधानी की दो बड़ी नदियों के ऊपर एलिवेटेड रोड बनाने का फैसला लिया है। बिंदाल और रिस्पना नदी के ऊपर एलिवेटेड रोड बनाई जाएगी। इन दोनों मार्गों को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि अन्य राज्यों से आने वाले पर्यटकों को मसूरी जाने के लिए शहर के अन्य इलाकों से होकर ना गुजरना पड़े। योजना पर 3400 करोड़ की लागत आएगी। बिंदाल नदी पर कुल 15 किमी की एलिवेटेड रोड बनाई जाएगी। इसके साथ ही रिस्पना पर 11 किमी लंबी एलिवेटेड रोड का प्रस्ताव है। शासन स्तर पर इन एलिवेटेड सड़कों के लिए फिजीबिलिटी सर्वे करा लिया गया है। आगे पढ़िए
रिस्पना पुल से सहस्त्रधारा और बिंदाल पुलिस से मैक्स अस्पताल तक एलिवेटेड रोड बनाई जायेगी। इसको लेकर मुख्य सचिव एसएस संधू, पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के साथ बैठक कर चुके हैं। इन सड़कों के निर्माण में 3400 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। देहरादून शहर में लगातार बढ़ती आबादी और ट्रैफिक की समस्या के समाधान के लिए दो एलिवेटेड रोड के निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है। ये प्रोजेक्ट देहरादून शहर के लिए सबसे बड़ी समस्या बन चुके जाम से निजात दिलाने में रामबाण साबित होगा। हालांकि कुछ लोग प्रोजेक्ट का विरोध भी कर रहे हैं। इनका कहना है कि पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के समय रिस्पना नदी के पुनर्जीवन की बात कही गई थी। अब अगर इस पर एलिवेटेड रोड बन जाएगी तो ये सपना कभी पूरा नहीं हो सकेगा।