द्वाराहाट की बीना: कभी हाथों में चप्पल पहनकर गई स्कूल, अब UKPSC Exam पास कर बनी प्रवक्ता

चुनौतियां से भरा था दिव्यांग बीना तिवारी का बचपन, कभी हाथों में चप्पल पहनकर जाती थीं स्कूल, आज उत्तराखंड लोक सेवा आयोग में बन गईं अंग्रेजी की प्रवक्ता-
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प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

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dwarahat bina tiwari ukpsc: Dwarahat Divyang Bina Tiwari UKPSC Exam English lecturer
Image: Dwarahat Divyang Bina Tiwari UKPSC Exam English lecturer

पिथौरागढ़: हौसले बुलंद हों तो क्या कुछ मुमकिन नहीं है। यही साबित किया है उत्तराखंड की दिव्यांग बीना तिवारी ने।

Dwarahat Divyang Bina Tiwari UKPSC

उन्होंने अपनी दिव्यांगता को सफलता के बीच आड़े नहीं आने दिया और आज उनकी सफलता इस बात का उदाहरण देती है कि बुलंद हौसले और कठिन परिश्रम के बल पर सब कुछ मुमकिन है। आपके मन में बस कुछ पाने की तीव्र इच्छा होनी चाहिए तो उसके बाद हालात मायने नहीं रखते। द्वाराहाट की दिव्यांग बीना तिवारी ने परेशानियों और मुसीबतों में दिन गुजारे मगर उनके हौसलों में कमी नहीं आई और आज दिव्यांग होने के बावजूद बीना तिवारी ने उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के प्रवक्ता परीक्षा में सफलता प्राप्त कर ली है और अंग्रेजी की प्रवक्ता बनकर एक उदाहरण स्थापित किया है।

निर्धन परिवार से ताल्लुक रखने वाली बीना बचपन से ही पैरों से दिव्यांग थीं मगर इसके बावजूद मजबूत इरादों के साथ उन्होंने मेहनत करना नहीं छोड़ा। बचपन से ही पढ़ाई में उनके काफी रुचि रही और चुनौतियों के बीच उन्होंने कभी भी को पढ़ाई को आड़े नहीं आने दिया। स्कूल तक जाने के लिए भी वह अपने हाथों का इस्तेमाल करती थीं। स्नातक की पढ़ाई के दौरान भी उनके पास इलाज करवाने के लिए पैसे नहीं थे। इसी बीच एक संस्था की नजर बीना तिवारी पर पड़ी और उस आश्रम ने उनके पैरों की शल्य चिकित्सा कराई। इसके बाद से ही वे वॉकर के सहारे चलने लगीं। उसके बाद उन्होंने अल्मोड़ा से अंग्रेजी में परास्नातक एवं बीऐड किया और उसके बाद उन्होंने 2021 में उत्तराखंड लोक सेवा आयोग प्रवक्ता परीक्षा दी और आज अंग्रेजी की प्रवक्ता बनकर उन्होंने दूसरों के सामने मिसाल कायम की है।