कोरोना के कारण पिछले दो साल से यहां मेले का आयोजन नहीं हो सका, लेकिन अब क्योंकि पाबंदियां हट गई हैं, लिहाजा 15 जून को बड़े स्तर पर मेले का आयोजन किया जाएगा।
-
कोमल नेगी
-
Advertisement
ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
Example Ads Media
Image: haldwani pithoragarh almora traffic plan 15 june
हल्द्वानी: कैंची धाम। उत्तराखंड के इस पावन तीर्थ स्थल की ख्याति पूरे विश्व में है। इस मंदिर की महिमा के बारे में सुन कर फेसबुक के फाउंडर मार्क जुकरबर्ग से लेकर हॉलीवुड अभिनेत्री जूलिया राबर्ट्स तक दर्शन के लिए आ चुके हैं। 15 जून को विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम में स्थापना दिवस मनाया जाता है।
haldwani pithoragarh almora traffic plan 15 june
कोरोना के कारण पिछले दो साल से यहां मेले का आयोजन नहीं हो सका, लेकिन अब क्योंकि पाबंदियां हट गई हैं, लिहाजा 15 जून को बड़े स्तर पर मेले का आयोजन किया जाएगा। जिसमें लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। यात्रा के दौरान हर व्यवस्था दुरुस्त रहे, इसके लिए प्रशासन द्वारा सभी रूट डायवर्ट किए गए हैं। आप भी कुमाऊं क्षेत्र की यात्रा पर निकलने से पहले रूट प्लान जरूर जान लें। इसके अनुसार 15 जून को हल्द्वानी से अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ जाने वाले वाहन खुटानी मोड़, पदमपुर-पोखरा-कशियालेख-शीतला-मोना-ल्वेशाल होते हुए अल्मोड़ा निकलेंगे। नैनीताल से अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ जाने वाले वाहन भवाली रामगढ़ तिराहे से मल्ला रामगढ़, नथुवाखान, क्वारब से आगे जाएंगे। अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ से आने वाले वाहन क्वारब पुल से मोना-ल्वेशाल-शीतला पदमपुरी होते हुए खुटानी बैंड से भीमताल निकलेंगे। आगे पढ़िए
रानीखेत से आने वाले भारी वाहन, यात्री वाहन खैरना पुल से क्वारव होते हुए ल्वेशाल पदमपुरी से खुटानी बैंड से भीमताल की ओर जाएंगे। भवाली की ओर से आने वाले दोपहिया वाहन जंगलात बैरियर से आगे नहीं जाएंगे। यहां बैरियर पर टैक्सी, बस और शटल सेवा भी रोककर वापस भेजी जाएगी। खैरना से कैंची की ओर आने वाले दर्शनार्थी शटल सेवा से पनीराम ढाबे पर यात्रियों को उतारकर वापस जाएंगे। खैरना से कैंची धाम आने वाले दर्शनार्थी पेट्रोल पंप के आगे खाली जगह पर ही अपने वाहन पार्क करेंगे और वहां से पनिराम ढाबे तक शटल सेवा से जाएंगे। वाहनों में ओवरलोडिंग करने और ट्रैफिक रूल्स तोड़ने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। सेना के वाहनों के आवागमन को उक्त तिथि में प्रतिबंधित करने के लिए सैन्य अधिकारियों से पत्राचार भी किया जा रहा है।