कैंची धाम में दो साल बाद आयोजित हो रहे स्थापना दिवस मेले में डेढ़ लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। पर्यटन सीजन और मेले को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने विशेष तैयारी की है।
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कोमल नेगी
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Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
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Image: Kainchi Dham Fair Haldwani Almora Pithoragarh Traffic Plan
हल्द्वानी: उत्तराखंड के भवाली में स्थित कैंची धाम पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। 15 जून को धाम का स्थापना दिवस मनाया जाएगा। इस मौके पर भवाली में विशाल मेले का आयोजन होना है।
Haldwani Almora Pithoragarh Traffic Plan
मेले के दौरान ट्रैफिक संबंधी व्यवस्थाएं दुरुस्त रहें, इसके लिए प्रशासन ने ट्रैफिक प्लान तैयार किया है। 14 और 15 जून को कैंची धाम मेला क्षेत्र में रूट डायवर्ट रहेगा। इसके अनुसार हल्द्वानी से अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ को जाने वाले भारी वाहन, यात्री वाहन, प्राइवेट वाहन 14 जून की शाम पांच बजे से खुटानी मोड़ भीमताल से पदमपुरी-पोखरा-कशियाखेत-शीतला-मोना-ल्वेशाल होते हुए क्वारब को डायवर्ट किए जाएंगे। नैनीताल से अल्मोड़ा पिथौरागढ़ जाने वाले वाहन आज शाम पांच बजे से भवाली रामगढ़ तिराहे से होते हुए मल्ला रामगढ़, नथुवाखान, क्वारब को डायवर्ट किए जाएंगे। इसी तरह अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ से हल्द्वानी की ओर आने वाले वाहन शाम पांच बजे से क्वारब पुल से मोना-ल्वेशाल-शीतला-पदमपुरी होते हुए खुटानी बैंड से भीमताल की ओर डायवर्ट किए जाएंगे।
रानीखेत से आने वाले भारी वाहन, यात्री वाहन शाम पांच बजे से खैरना पुल से क्वारब होते हुए मोना-ल्वेशाल-पदमपुरी से खुटानी बैंड से भीमताल को डायवर्ट किए जाएंगे। भवाली की ओर से आने वाले दोपहिया वाहन जंगलात बैरियर से आगे नहीं जाएंगे। इस बैरियर पर टैक्सी व बस सेवा भी रोककर वापस भेजी जाएगी। निजी वाहनों को सिद्धि रेस्टोरेंट तक भेजा जाएगा। जहां से हरतपा रोड व भवाली की ओर एकतरफा पार्किंग की जाएगी। खैरना से कैंची की ओर आने वाले दर्शनार्थी शटल सेवा से पनीराम ढाबे तक आएंगे। खैरना से कैंची धाम आने वाले यात्री वाहन खैरना में पेट्रोल पंप के आगे खाली जगह में पार्क होंगे। बता दें कि कैंची धाम में दो साल बाद आयोजित हो रहे स्थापना दिवस मेले में डेढ़ लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। पर्यटन सीजन और मेले को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने विशेष तैयारी की है। पुलिस प्रशासन ने मंदिर के आसपास कंट्रोल रूम भी बनाए हैं।