उत्तराखंड क्रिकेट में सिर से लेकर पैर तक करप्शन! खिलाड़ी को टीम में रखने की कीमत 10 लाख

सीएयू पर टीम सेलेक्शन से लेकर फंड के प्रबंधन तक में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। अब एक क्रिकेटर के पिता ने सीएयू पदाधिकारियों पर घूस मांगने का आरोप लगाया है।
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Image: Financial irregularities in Uttarakhand cricket

देहरादून: बीते दिनों रणजी ट्रॉफी में उत्तराखंड की टीम ने हार का शर्मनाक रिकॉर्ड बनाया।

Financial irregularities in Uttarakhand cricket

एक महत्वपूर्ण मैच में मुंबई ने उत्तराखंड की टीम को 725 रनों से हराकर सबसे बड़ी जीत का वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया, लेकिन मुंबई की इस जीत से उत्तराखंड के क्रिकेट प्रेमियों का दिल टूट गया। तब से लेकर अब तक उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन पर वित्तीय अनियमितताओं समेत तमाम गंभीर आरोप लग रहे हैं। ऐसे ही एक मामले में सीएयू के सचिव माहिम वर्मा समेत 7 पदाधिकारियों के खिलाफ जबरन पैसे मांगने, मारपीट करने, जान से मारने की धमकी देने समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है। देहरादून के पुलिस कप्तान जन्मेजय खंडूड़ी के आदेश पर सीएयू के सचिव समेत 7 पदाधिकारियों पर अब पुलिस कार्रवाई की तलवार लटक गई है। सीएयू पर उत्तराखंड के प्रतिभावान क्रिकेटर आर्य सेठी के पिता रवि सेठी ने गंभीर आरोप लगाए हैं।

उनका कहना है कि आर्य सेठी विजय हजारे और उत्तराखंड की टीम का सदस्य रहा है। सीएयू सचिव माहिम वर्मा ने उसे टीम में खिलाने के एवज में 10 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। रिश्वत की रकम न देने पर आर्य सेठी को प्रताड़ित किया जाने लगा। उसे 29 मैच में बाहर बैठाए रखा, खेलने के मौके नहीं दिए गए। अब इस मामले में वसंत विहार थाने में सीएयू के सचिव माहिम वर्मा, मनीष झा, पीयूष रघुवंशी, नवनीत मिश्रा, सत्यम शर्मा, संजय गुसाईं और पारूल के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। 20 जून की देर रात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। मामले की जांच जारी है। बता दें कि उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन पर टीम सेलेक्शन से लेकर फंड के प्रबंधन तक को लेकर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगते रहे हैं। खिलाड़ियों ने प्रबंधन पर उनके हकों पर डाका डालने और मानसिक उत्पीड़न के आरोप भी लगाए हैं।