दूल्हा तय समय से पहले ही बारात लेकर निकल गया। परेशान दोस्त ने जब दूल्हे को फोन किया तो वो अपनी गलती मानने के बजाय उससे वापस जाने को बोलने लगा।
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कोमल नेगी
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Image: chandrashekhar ravi haridwar marriage 50 lakh fine case
हरिद्वार: शादी-ब्याह की असली रौनक दोस्तों से ही होती है।
50 Lakh fine after not inviting in marriage
हरिद्वार में भी एक युवक की शादी थी, उसने दोस्त को ब्याह में आने का न्यौता भी दिया, लेकिन दूल्हे को दुल्हन लाने की इतनी जल्दी थी कि वो दोस्त के बिना ही बारात लेकर निकल गया। इस बात ने दोस्त को इस कदर हर्ट किया कि अब उसने अपने मतलबी दोस्त पर 50 लाख रुपये का दावा ठोक दिया है। कहानी फिल्मी जरूर है, लेकिन है एकदम सच्ची। शिकायतकर्ता का आरोप है कि दूल्हा कार्ड में दिए गए समय से पहले ही बारात लेकर चला गया। दोस्त और अन्य बाराती जब तैयार होकर पहुंचे तो बरात रवाना हो चुकी थी। परेशान दोस्त ने जब दूल्हे को फोन किया तो वो अपनी गलती मानने के बजाय उससे वापस जाने को बोलने लगा। इसके बाद मौके पर खड़े बारातियों ने शादी के कार्ड बांटने वाले दोस्त को खूब खरी-खोटी सुनाई। ये बात दोस्त के दिल पर लग गई और अब उसने दूल्हे पर मानहानी का दावा ठोक दिया है। शिकायतकर्ता के वकील अरुण कुमार भदौरिया ने बताया कि रवि पुत्र वीरेंद्र निवासी आराध्या कॉलोनी बहादराबाद की शादी अंजू धामपुर जिला बिजनौर के साथ 23 जून 2022 में होनी तय हुई थी। आगे पढ़िए
दूल्हे रवि ने अपने दोस्त चंद्रशेखर पुत्र स्वर्गीय मुसद्दीलाल निवासी देवनगर कनखल को एक लिस्ट बनाकर दी कि वह शादी के कार्ड बांटेगा। रवि के कहने पर चंद्रशेखर ने सभी लोगों को कार्ड बांटे। इनसे 23 जून 2022 की शाम पांच बजे बारात में चलने को कहा गया था। तय तारीख पर चंद्रशेखर और अन्य बाराती मौके पर पहुंचे तो पता चला कि बारात निकल चुकी है। तब चंद्रशेखर ने रवि को फोन किया। इस पर रवि अपनी गलती मानने के बजाय सबसे लौट जाने को कहने लगा। पूरे घटनाक्रम के बाद चंद्रशेखर के कहने पर जो लोग शादी में आए थे, उन सभी ने चंद्रशेखर को खूब लताड़ लगाई। चंद्रशेखर का कहना है कि रवि की हरकत ने उसे मानसिक प्रताड़ना दी, उसकी छवि खराब की। इतना ही नहीं रवि ने चंद्रशेखर से माफी भी नहीं मांगी। अब चंद्रशेखर ने अपने एडवोकेट अरुण भदोरिया के माध्यम से एक कानूनी नोटिस रवि को भेजा है, जिसमें लिखा है कि रवि तीन दिन के अंदर मानहानि की बाबत सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना करें और 50 लाख हर्जाना भरे। ऐसा न करने पर कोर्ट में केस करने की बात भी कही है।