IPS जन्मेजय खंडूरी ने कसा उत्तराखंड क्रिकेट पर शिकंजा, गिरफ्तार हो सकते हैं 7 अफसर

आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए एसएसपी ने स्पेशल आपरेशन ग्रुप (एसओजी) को भी मोर्चे पर लगा दिया है। क्रिकेट उत्तराखंड के सचिव समेत सात लोग पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है।
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ips Janmejay Khanduri : IPS Janmejay Khanduri Keeping Eye On Cricket Uttarakhand
Image: IPS Janmejay Khanduri Keeping Eye On Cricket Uttarakhand

देहरादून: क्रिकेटर आर्य सेठी की पिटाई और दस लाख रुपये मांगने के प्रकरण में पुलिस ने कार्यवाही तेज करदी है।

IPS Janmejay Khanduri Keeping Eye On Cricket Uttarakhand

इस मामले में क्रिकेट एसोसिएशन आफ उत्तराखंड(सीएयू) के सचिव समेत सात लोग पर गाज गिर गई है। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए एसएसपी ने स्पेशल आपरेशन ग्रुप (एसओजी) को भी मोर्चे पर लगा दिया है। एसएसपी के निर्देश पर एक टीम का भी गठन किया गया है। जिसमें वसंत विहार थाने में तैनात पुलिसकर्मियों के साथ एसओजी के दो सदस्यों को शामिल किया गया है। पुलिस का कहना है कि नोटिस भेजने के बाद भी अब तक कोई आरोपित बयान दर्ज कराने नहीं आया है। इसीलिए आरोपितों की गिरफ्तारी को प्रयास तेज किए गए हैं। चलिए आपको बताते हैं कि क्रिकेटर आर्य सेठी की पिटाई का यह पूरा मामला आखिर है क्या। दरअसल इंदिरा नगर कालोनी (वसंत विहार) निवासी वीरेंद्र सेठी ने क्रिकेट एसोसिएशन आफ उत्तराखंड (सीएयू) के सचिव महिम वर्मा, प्रवक्ता संजय गुसाईं, सीनियर पुरुष क्रिकेट टीम के मैनेजर नवनीत मिश्र, कोच मनीष झा, वीडियो एनालिस्ट पीयूष रघुवंशी और सीएयू में कार्यरत सत्यम वर्मा व पारुल पर उनके बेटे क्रिकेटर आर्य सेठी की पिटाई करने और 10 लाख रुपये की मांग करने का आरोप लगाया है। आर्य सेठी उत्तराखंड की सीनियर क्रिकेट टीम के सदस्य हैं।

उनके पिता एवं शिकायतकर्ता वीरेंद्र सेठी ने पुलिस को शिकायत में बताया कि 11 दिसंबर 2021 को अभ्यास के दौरान टीम के कोच मनीष झा ने आर्य की पिटाई की। इसकी शिकायत सीएयू के सचिव महिम वर्मा से की गई तो उन्होंने इस संबंध में टीम के मैनेजर नवनीत मिश्र, कोच मनीष झा और वीडियो एनालिस्ट पीयूष रघुवंशी से बात की। वीरेंद्र का आरोप है कि इसके बाद तीनों ने आर्य को एक कमरे में बुलाया और धमकी दी कि उसे गोली मरवा देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि मामला सुलझाने के लिए 10 लाख रुपये देने पड़ेंगे, वरना आर्य का करियर बर्बाद कर देंगे। इस मामले में वसंत विहार थाने में 20 जून को मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद वसंत विहार थाना पुलिस ने महिम वर्मा और संजय गुसाईं सहित पांच आरोपितों को बयान दर्ज करवाने के लिए नोटिस भेजा। एसएसपी जन्मेजय खंडूड़ी का कहना है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद से सभी आरोपित गायब चल रहे हैं। पुलिस द्वारा नोटिस भेजने के बाद भी वह बयान दर्ज कराने के लिए प्रस्तुत नहीं हुए। उनकी लोकेशन का भी पता नहीं चल रहा। ऐसे में आरोपितों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई है।