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भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
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रुद्रप्रयाग: पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के चलते हर तरफ तबाही का मंजर दिख रहा है।
मंगलवार को हुई बारिश के चलते जगह-जगह सड़कें ब्लॉक हो गईं। केदारनाथ और बदरीनाथ हाईवे भी आवाजाही के लिए बंद है। कई घरों में मलबा घुस गया। सड़क पर बह रहे नाले हादसे की वजह बन रहे हैं। सबसे पहले उत्तरकाशी जिले की बात करते हैं। जनपद में वर्षा से 10 संपर्क मार्ग बाधित हुए हैं। यहां मोरी-सांकरी मोटर मार्ग पर भी मलबे के ढेर लगे हैं। बारिश के चलते मोरी और आसपास के क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ है। मोरी बाजार और आसपास के घरों में वर्षा जल के साथ मलबा घुस गया है। पैदल रास्ते क्षतिग्रस्त हो गए हैं। यमुनोत्री में राष्ट्रीय राजमार्ग पर डाबरकोट में एक बार फिर भूस्खलन जोन सक्रिय हो गया है। रात को हुई वर्षा के चलते डाबरकोट में भारी मलबा राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुंचा है। जिससे मार्ग बाधित हो गया है।
किसाला और कुथनौर के बीच खनेडा पुल के पास भारी भूस्खलन हुआ है। असी गंगा घाटी में भी रात को भारी वर्षा हुई है। जिस कारण गदेरों में भी उफान आ गया है। ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर किसी तरह आवाजाही करनी पड़ रही है। केदारनाथ में हाईवे नोलापाणी के पास बंद है। जबकि बदरीनाथ हाईवे सिरोबगड़ में बंद है। रुद्रप्रयाग जिले के अन्य इलाकों मे लगातार बारिश हो रही है। हरिद्वार में भी बारिश की संभावना बनी हुई है। जबकि टिहरी में तेज बारिश की सूचना है, यहां कई वाहन मलबे मे दब गए। राजधानी देहरादून में भी सुबह गरज के साथ झमाझम बारिश हुई। मसूरी में भी गर्जना के साथ बारिश हुई। यहां तापमान 18 डिग्री सेल्सियस बना हुआ है। ऋषिकेश में भी हल्की बूंदाबांदी हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने बुधवार को देहरादून, नैनीताल, टिहरी, पौड़ी और चंपावत में कहीं-कहीं भारी से भारी बारिश की संभावना जताई है। इसे देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।