दुखद: उत्तराखंड के CISF जवान की काठमांडू में मौत, भारतीय दूतावास में लगी थी ड्यूटी

उत्तराखंड के रामनगर में स्थित ढेला गांव निवासी 32 वर्षीय दीपक अधिकारी सीआइएसएफ में थे। उनकी तैनाती काठमांडू के लैंचोर स्थित भारतीय दूतावास की सुरक्षा में थी।
Advertisement Best Hidden Treks in Kedar Himalaya for True Mountain Lovers

A chance to reconnect with nature and inner peace. Treks in Kedar Himalaya that stay with you for a lifetime.

Example Ads Media
ramnagar cisf deepak ashikari : CISF jawan Deepak Adhikari dies in Kathmandu Indian Embassy
Image: CISF jawan Deepak Adhikari dies in Kathmandu Indian Embassy

रामनगर: काठमांडू से उत्तराखंड के लिए एक बेहद बुरी खबर सामने आ रही है।

CISF jawan Deepak Adhikari dies in Kathmandu

यहां पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल ( सीआइएसएफ ) में तैनात रामनगर के ढेला निवासी जवान की काठमांडू के लैंचोर स्थित भारतीय दूतावास में संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई है। हादसे की दुखद खबर मिलते ही मृतक जवान के घर में कोहराम मच गया है। बुधवार तक शव घर पहुंचने की उम्मीद है। अभी तक मौत की वजह पता नहीं चल पाई है। मिली जानकारी के मुताबिक रामनगर के अंतर्गत ढेला गांव निवासी दीपक अधिकारी 32 पुत्र स्व. राजेंद्र सिंह अधिकारी सीआइएसएफ में तैनात थे। उनकी तैनाती काठमांडू के लैंचोर स्थित भारतीय दूतावास की सुरक्षा में थी। बीते सोमवार सुबह उसकी मौत की खबर काठमांडू में दूतावस के अधिकारियों को पता चली। मौत के कारणों का पता नहीं लग सका। मृतक जवान के परिजनों को यह दुखद खबर मिलते ही उनके बीच कोहराम मच गया। सोमवार शाम को ही मृतक के चाचा गोविंद सिंह अधिकारी काठमांडू के लिए रवाना हो गए।

मृतक जवान अपने दो भाईयों में बड़े थे। मृतक का छोटा भाई धीरज अधिकारी वन निगम में तैनात है। दीपक अधिकारी हंसमुख व मिलनसार स्वभाव के थे। उनके निधन की खबर ने स्वजनों को बेसुध कर दिया है और पूरे ढेला गांव में शोक पसर गया है। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए त्रिभुवन यूनिवर्सिटी टीचिंग हॉस्पिटल ले जाया गया। शव काठमांडू से फ्लाइट से दिल्ली पहुंचने के बाद रात या बुधवार सुबह तक ढेला आवास पर पहुंचेगा।मृतक के ताऊ हीरा सिंह अधिकारी ने बताया कि दीपक अधिकारी दस साल पूर्व सीआइएसएफ में भर्ती हुए थे। पांच साल पूर्व ही दीपक का विवाह हुआ था। दीपक का ढाई साल का एक बेटा है। काठमांडू में वह करीब दो साल पूर्व तैनात हुए थे। अगस्त में काठमांडू में दो ढाई साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद सितंबर में उसका तबादला देहरादून होना था। मगर उससे से पहले ही उनकी मृत्यु की खबर ने पूरे परिवार को गहरा सदमा दे दिया है।