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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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पौड़ी गढ़वाल: शिष्य देश के सबसे बड़े राज्य का मुख्यमंत्री और गुरु के गांव में सड़क तक न पहुंच सकी।
हम बात कर रहे हैं पौड़ी गढ़वाल के गांव सिमालू की, जहां उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गुरु सत्यप्रसाद बड़थ्वाल रहा करते हैं। सोचकर ही हैरानी होती है कि जिस गुरु ने योगी आदित्यनाथ को जनसेवा का मार्ग दिखाया, उस गुरु का गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है। गांव में सड़क नहीं है। ग्रामीण पगडंडी के सहारे चलते हैं। सत्यप्रसाद बड़थ्वाल गांव में सड़क बनवाने के लिए शासन-प्रशासन और पीएम ऑफिस तक से कई बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई सुन नहीं रहा। द्वारीखाल ब्लॉक अंतर्गत ऋषिकेश-बदरीनाथ पैदल मार्ग पर स्थित सिमालू गांव में 10 परिवार रहते हैं। साल 2006 में सिमालू गांव होते हुए महादेवचट्टी तक सड़क बनाने की योजना थी, लेकिन बाद में ये सड़क दाबड़ गांव की ओर मुड़ गई।
इस तरह सिमालू गांव में सड़क नहीं बन सकी। सत्यप्रसाद बड़थ्वाल कहते हैं कि 14 जुलाई 2018 को राज्य के मुख्य सचिव को सड़क निर्माण को लेकर आदेश जारी किए गए थे, लेकिन चार साल बाद भी सड़क नहीं बन सकी है। आपको बता दें कि बीते 3 मई को यमकेश्वर ब्लॉक के बिथ्याणी में आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने गुरुजनों को सम्मानित किया था। इनमें सत्यप्रसाद बड़थ्वाल भी शामिल थे। उस वक्त गुरु ने अपने शिष्य से सिमालू गांव में सड़क बनवाने और सिंगटाली मोटर पुल का जल्द निर्माण कराने की गुहार लगाई थी। उधर पूरे मामले को लेकर लोनिवि के अधिशासी अभियंता प्रेम सिंह बिष्ट ने कहा कि यह मामला संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा है तो संबंधित कर्मचारी से इसकी जांच कर जानकारी जुटाई जाएगी। उसके बाद ही आगे की कार्यवाही होगी।