रुद्रप्रयाग के डीएम IAS Mayur Dixit ने सरकारी खर्चे को कम करने और विभागीय अधिकारियों के आपसी तालमेल को बढ़ावा देने के लिए शानदार काम किया है। देखिए वीडियो
-
कोमल नेगी
-
Advertisement
Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
Example Ads Media
Image: Rudraprayag IAS Mayur Dixit ate mid day meal with children
रुद्रप्रयाग: सरकारी अफसर होना सिर्फ एक ओहदा भर नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है। हालांकि सरकारी कारिंदों की छवि आम जनता के बीच कुछ अच्छी नहीं है, लोग अफसरों से मिलते हुए डरते हैं।
IAS Mayur Dixit ate mid day meal with children
लेकिन उत्तराखंड में ऐसे कई अफसर हैं, जो खुद जनता के बीच पहुंचकर नौकरशाही को लेकर बनी नेगेटिव छवि को बदलने का प्रयास कर रहे हैं। रुद्रप्रयाग के डीएम मयूर दीक्षित ऐसे ही अधिकारी हैं। बीते दिन वो अधिकारियों के साथ एक बस में सवार होकर बहुद्देश्यीय शिविर में शामिल हुए। जिलाधिकारी की इस अभिनव पहल से जहां समय और सरकारी धन की बचत हुई वहीं, शिविर में सभी विभागीय अधिकारी भी साथ-साथ पहुंचे। लोग डीएम को बस में देख हैरान रह गए। शिविर में पहुंचने के बाद उन्होंने स्कूल में बच्चों के साथ मिड डे मील भी खाया। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित अभिनव पहल करने के लिए जाने जाते हैं। गुरुवार को उन्होंने सरकारी खर्चे को कम करने और विभागीय अधिकारियों के आपसी तालमेल को बढ़ावा देने के लिए शानदार काम किया। वो सभी अधिकारियों के साथ बस में सवार होकर मनसूना में आयोजित बहुद्देशीय शिविर में पहुंचे। आगे देखिए वीडियो
बस में डीएम मयूर दीक्षित के साथ सीडीओ नरेश कुमार, डीडीओ मनविंदर कौर, मुख्य शिक्षाधिकारी यशवंत सिंह चौधरी सहित कृषि, उद्यान, जलसंस्थान, जलनिगम, लोनिवि, पीएमजीएसवाई सहित अन्य विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी सवार थे। शिविर में 34 शिकायतें दर्ज हुई, जो मौके पर ही हल की गई। शिविर के बाद डीएम ने उच्च प्राथमिक विद्यालय पाली-फाफंज का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्कूली बच्चों के साथ मध्याह्न भोजन भी किया। डीएम ने बच्चों से बातचीत करते हुए स्कूल के बारे में जानकारी मांगी। इस मौके पर डीएम मयूर दीक्षित ने कहा कि सरकार, जनता के द्वार कार्यक्रम तभी सार्थक होगा, जब सभी अधिकारी एक साथ जनता के बीच पहुंचे। अपने-अपने विभागीय वाहनों के बजाय एक वाहन में सवार होकर जब तहसील दिवस, बीडीसी, जनता दरबार, बहुद्देश्यीय शिविर में पहुंचेंगे, तो उससे जहां सरकारी खर्चा कम होगा, वहीं तालमेल भी बेहतर होगा। सोशल मीडिया पर डीएम मयूर दीक्षित की इस पहल को खूब सराहा जा रहा है। लोग IAS Mayur Dixit की सोच को सलाम कर रहे हैं। देखिए वीडियो