उत्तराखंड कांवड़ यात्रा पर आतंकी हमले का इनपुट, गृह मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी..फोर्स अलर्ट

पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने गृह मंत्रालय की एडवाइजरी मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा को लेकर हमारी पुलिस फोर्स पूरी तरह से अलर्ट है।
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uttarakhand kanwar yatra 2022 terror attack: Intelligence input of terrorist attack on Uttarakhand Kanwar Yatra
Image: Intelligence input of terrorist attack on Uttarakhand Kanwar Yatra

हरिद्वार: दो साल बाद शुरू हुई कांवड़ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में जबर्दस्त उत्साह दिख रहा है।

Intelligence input of terrorist attack on Kanwar Yatra

उत्तराखंड सरकार ने भी यात्रियों की सुरक्षा को लेकर मजबूत इंतजाम किए हैं, हालांकि अब हम जो खबर आपको बताने जा रहे हैं, उससे श्रद्धालुओं की चिंता निश्चित रूप से बढ़ने वाली है। दरअसल गृह मंत्रालय को कांवड़ यात्रा पर आतंकी हमले का खुफिया इनपुट मिला है। जिसके बाद गृह मंत्रालय ने इसे लेकर एडवाइजरी जारी की है। उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने गृह मंत्रालय की एडवाइजरी मिलने की पुष्टि की है। डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि उत्तराखंड और अन्य राज्यों की पुलिस के लिए गृह मंत्रालय की ओर से जारी एडवाइजरी सामान्य है। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा को लेकर हमारी पुलिस फोर्स पूरी तरह से अलर्ट है। डीजीपी अशोक कुमार ने कांवड़ यात्रा को लेकर सुरक्षा इंतजामों पर भी बात की। उन्होंने बताया कि मेला इलाके को सुरक्षा के लिहाज से 12 सुपर जोन, 32 जोन और 120 सेक्टर्स में बांटा गया है।

मेला क्षेत्र में सीसीटीवी से भी निगरानी की जाएगी। इसके लिए 400 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। मीट की दुकानें भी बंद करा दी गई हैं, साथ ही दिल्ली-ऋषिकेश नेशनल हाइवे को भी बंद करा दिया गया है। कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा के लिए 10 हजार पुलिसकर्मी, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की पांच कंपनियां, आतंक निरोधी दस्ता और बम स्क्वॉड के साथ ही जल पुलिस के जवानों को भी मेला क्षेत्र में तैनात किया गया है। पुलिसकर्मी ड्रोन से भी मेला क्षेत्र की निगरानी करेंगे। बता दें कि श्रावण मास में आयोजित होने वाली कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़िए हरिद्वार और ऋषिकेश से गंगाजल भरकर सैकड़ों किलोमीटर की पैदल यात्रा कर भगवान शिव का जलाभिषेक करने जाते हैं। इस साल चार करोड़ से अधिक कांवड़ यात्रियों के उत्तराखंड आने का अनुमान है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि इस तरह के बड़े धार्मिक आयोजन को लेकर सुरक्षा के मोर्चे पर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है।