मौसम विज्ञानियों के मुताबिक देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत, ऊधमसिंहनगर, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में आज से तीन दिन तक भारी बारिश की संभावना है। सावधान रहें।
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अनुष्का ढौंडियाल
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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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Image: Heavy rain alert in 8 districts of Uttarakhand Weather News Uttarakhand
चमोली: पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार जारी बारिश से आपदा जैसे हालात बने हुए हैं।
Uttarakhand Weather News 20 july
जगह-जगह सड़कें ब्लॉक हैं। चारधाम यात्री भी रास्तों में फंसे हुए हैं। सड़कें ब्लॉक होने की वजह से गांवों तक जरूरी सामान नहीं पहुंच रहा। संचार सेवाएं भी ठप हैं। इस बीच मौसम विभाग ने एक और चिंता बढ़ाने वाली बात कही है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत, ऊधमसिंहनगर, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में आज से तीन दिन तक भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। इस तरह प्रदेश में कुछ दिनों की निष्क्रियता के बाद मानसून फिर से सक्रिय हो रहा है। मानसून सक्रिय होने के बाद आठ जिलों में लगातार तीन दिन भारी से अत्यंत भारी बारिश की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि प्रदेशभर में आज से मौसम फिर करवट बदलेगा। भारी बारिश से नदियों, नालों के किनारे बसे लोगों के साथ ही भूस्खलन संभावित इलाकों में बसे लोगों को सावधान रहने की जरूरत है।
उधर, देहरादून और मसूरी में बारिश का दौर शुरू हो गया है। कई जगहों से हादसे की खबरें भी आई हैं। रामनगर में टनकपुर मार्ग पर स्कूली बच्चों को लेने जा रही बस किरोड़ा नाले में पलट गई। हालांकि हादसे में ड्राइवर-कंडेक्टर सुरक्षित हैं। मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए आपदा प्रबंधन के इंतजाम किए जा रहे हैं। आपदा प्रबंधन सचिव ने मानसून में आपदा की दृष्टिगत जिलाधिकारियों को तमाम निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि मैदानी जिलों में बाढ़ चौकियों के साथ बाढ़ नियंत्रण टीमों का गठन किया जाए। इसके साथ ही बोट आदि की व्यवस्था भी सुनिश्चित कर ली जाए। देहरादून में डीएम सोनिका ने आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी अधिकारियों की बैठक लेने के साथ ही अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि भूस्खलन संभावित इलाकों में जेसीबी संग एंबुलेंस की व्यवस्था कर ली जाए, ताकि आपदा की स्थिति में तत्काल राहत कार्य शुरू किए जा सकें। सभी एसडीएम को अपने-अपने इलाकों में रहने के निर्देश दिए गए हैं।