उत्तराखंड में बाहरी लोगों को बिना कैरेक्टर सर्टिफिकेट के नहीं मिलेगा मकान..2 मिनट में पढ़िए पूरे नियम

डीजीपी ने कहा कि नया कानून उन लोगों पर भी लागू होगा, जो पहाड़ी राज्य में काम के सिलसिले में आते हैं और झुग्गियों में रहते हैं।
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Image: Police verification required for renting a house in Uttarakhand

देहरादून: पिछले दिनों देशभर में अलग-अलग जगह हुई वारदातों में उत्तराखंड और यहां की राजधानी देहरादून का नाम खूब सुर्खियों में रहा।

Police verification required in Uttarakhand

मशहूर सिंगर सिद्धू मूसेवाला के हत्यारोपी भी कुछ समय तक देहरादून में किराये के मकान में रहे थे। इसी तरह कश्मीर में मारे गए एक आतंकी का भी दून कनेक्शन सामने आया था। उत्तराखंड पुलिस ने ऐसे मामलों का संज्ञान लेते हुए अब किरायेदारों के लिए पुलिस सत्यापन अनिवार्य कर दिया है। बुधवार को उत्तराखंड पुलिस की ओर से एक आदेश जारी किया गया। जिसमें अन्य राज्यों के किरायेदारों के लिए पुलिस सत्यापन अनिवार्य करने की बात लिखी है। नए आदेश के अनुसार गैर-राज्य निवासी को उत्तराखंड में किराए पर घर लेने के लिए पुलिस वैरिफिकेशन या चरित्र प्रमाण पत्र दिखाना होगा। आदेश में कहा गया है कि संबंधित व्यक्ति को यह प्रमाण पत्र उस पुलिस थाने से प्राप्त करना होगा, जिसके अधिकार क्षेत्र में उसका मूल स्थान आता हो।

चरित्र प्रमाण पत्र के अलावा दूसरे राज्यों में रहने वाले निवासियों को अपने दस्तावेजों की प्रामाणिकता बताते हुए एक हलफनामा पेश करना होगा। पुलिस ने कहा है कि गैर-राज्य निवासियों के लिए सत्यापन प्रक्रिया को और कठोर बनाया गया है, इसका मकसद संदिग्ध तत्वों पर नजर रखना और अपराधों को रोकना है। पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि पहले किरायेदारों के दस्तावेज उनके मकान मालिक से मांगे जाते थे। अब प्रक्रिया को और प्रभावी बनाया गया है। जिसके बाद किरायेदारों को यहां किराए के लिए जगह लेने से पहले पुलिस वैरिफिकेशन प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। डीजीपी ने कहा कि नया कानून उन लोगों पर भी लागू होता है जो पहाड़ी राज्य में काम के सिलसिले में आते हैं और झुग्गियों में रहते हैं। दस्तावेज पेश नहीं करने वालों पर पुलिस कार्रवाई होगी।