उत्तराखंड भू कानून Uttarakhand Land Law की सख्त जरूरत नजर आ रही है। उत्तरकाशी के गोफियारा में बेच दी 10 हेक्टेयर सरकारी भूमि
-
अनुष्का ढौंडियाल
-
Advertisement
90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
Example Ads Media
Image: 10 hectare government land sold in Uttarkashi Gofiara
उत्तरकाशी: इतने सालों से उत्तराखंड में भू कानून की जो मांग चल रही है, वो यूं ही नहीं चल रही। जिले में कड़ा भू कानून न होने का नतीजा आज हम सब भुगत रहे हैं। आप जरा सोचिए कि जिस घर में आप रहते आ रहे हैं उसपर कोई बाहर वाला अंजान व्यक्ति कब्जा कर लेता है, बस कुछ ऐसा ही उत्तराखंड में भी हो रहा है।
10 hectare government land sold in Uttarkashi
यहां भू माफियाओं की दादागिरी इस कदर बढ़ गई है कि उनको रोकना नामुमकिन हो गया है। भू कानून की कितनी जरूरत है वह इस खबर में साफ पता लगता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक उत्तरकाशी जिला मुख्यालय के निकट गोफियारा में कब्जों की बाढ़ सी आ गई है। यहां खाली सरकारी भूमि पर रातों-रात भवन निर्माण शुरू हो रहे हैं। बैंक भी बिना मानकों के ऋण बांट रहे हैं। करीब 10 हेक्टेयर सरकारी भूमि पर कब्जा हो चुका है। दरअसल नगर पालिका बाड़ाहाट में इंदिरा कालोनी, केदार घाट के पास कंजी हाउस, लोनिवि गेस्ट हाउस के पास गंगा नगर अतिक्रमण की चपेट में आ चुका है। यहां घर से लेकर दुकानों का निर्माण हो चुका है। आगे पढ़िए
अवैध निर्माण होने के बावजूद नगर पालिका ने इन पर कार्रवाई करने की बजाय आंखों में पट्टी बांधी हुई है। और अब अवैध निर्माण की यह चिंगारी आग बन चुकी है और कलेक्ट्रेट के निकट गोफियारा क्षेत्र में भी तेजी से फैल गई है। यहां सरकार ने कुछ वर्ष पहले जरूरतमंदों को कुछ पट्टे आवंटित किए थे। लेकिन, पट्टे आवंटित होने के बाद कुछ लोगों ने बिना अनुमति के पट्टे की भूमि की आड़ में आसपास सरकारी भूमि भी बेच डाली। उनपर रातों रात निर्माण कार्य शुरू हो चुके हैं। उपजिलाधिकारी चतर सिंह चौहान ने इस मामले को बेहद ही गंभीरता से लिया है और इसपर त्वरित कार्यवाही की जा रही है। आपको यहां ये भी बता दें कि बाहरी व्यक्तियों द्वारा उत्तराखंड की जमीन पर अवैध तरह से कब्जा कर जो अवैध निर्माण करने की आग हर तरफ फैल रही है और अगर सही समय पर इस आग को फैलने से नहीं रोका गया तो समस्त उत्तराखंड इस आग की चपेट में आ जाएगा।