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उत्तरकाशी: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) पेपर लीक मामले में अब तक 18 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
नकल माफिया गैंग की अहम कड़ी माना जा रहा हाकम सिंह भी एसटीएफ की हिरासत में है। पुलिस हिरासत में हाकम सिंह ने कई राज खोले। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इसमें एक विधायक के भाई का नाम भी सामने आ रहा है। विधायक के भाई के 6-7 लोगों का चयन भी इस परीक्षा में हुआ है। इतना ही नहीं प्रवक्ता भर्ती परीक्षा में भी उनके करीबियों का चयन होने की जानकारी सामने आ रही है। हालांकि, अब तक इस मामले में आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन हाकम से पूछताछ के बाद एसटीएफ ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। हाकम सिंह की रिमांड मिलने के बाद कई अन्य नामों का खुलासा हो सकता है। एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने कहा कि नाम सामने आने के बाद पूछताछ की जाएगी, अगर किसी की संलिप्तता पाई जाती है तो वो बच नहीं पाएगा।
बता दें कि उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने स्नातक स्तरीय परीक्षा गत वर्ष दिसंबर में कराई थी। इसके बाद से ही लगातार इसमें धांधली की बात सामने आ रही थी। बीती 22 जुलाई को मुख्यमंत्री के निर्देश पर रायपुर थाने में इस संबंध में मुकदमा दर्ज किया गया। तब इसकी जांच एसटीएफ को सौंपी गई। इसके बाद से ही एसटीएफ कड़ियां जोड़कर पूरे मामले की जांच में जुटी है। परीक्षा का पेपर लीक करने वाले को भी एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है। यह भी आयोग की आउटसोर्स कंपनी आरएमएस सॉल्यूशन का कर्मचारी था। इसकी जिम्मेदारी पेपर छपने के बाद सील करने की थी, पर शातिर ने तीनों पालियों के एक-एक सेट को टेलीग्राम एप के माध्यम से अपने साथियों को भेज दिया। इस काम के लिए उसे 36 लाख रुपये मिले थे। इस मामले में अब तक 18 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। फिलहाल Hakam Singh Rawat से पूछताछ जारी है।