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ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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अगर आप डॉग लवर हैं, तो अपने इस शौक को पूरा करने के लिए नगर पालिका की परमिशन लेना न भूलें। जी हां, अब आपको कुत्ता पालने के लिए पालिका की इजाजत लेनी होगी। जिन लोगों ने लाइसेंस नहीं लिया है उनको पालिका की ओर से नोटिस भेजे जाएंगे। इन लोगों से लाइसेंस बनवाने की अपील की जाएगी। नोटिस के बाद भी लाइसेंस नहीं बनाने वाले लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नई व्यवस्था क्यों लागू की जा रही है, इसकी वजह भी बताते हैं, दरअसल नगर क्षेत्र में आए दिन आवारा कुत्तों की तादात बढ़ रही है। कुत्तों द्वारा लोगों को काटने की घटनाएं भी लगातार सामने आ रही हैं। आगे पढ़िए
इस समस्या को देखते हुए पालिका ने कुछ साल पहले कुत्ता पालने के लिए लाइसेंस अनिवार्य कर दिया था। ताकि आवारा कुत्तों और पालतू कुत्तों की आसानी से पहचान हो सके। उस वक्त पालिका की ओर से जागरूकता अभियान चलाया गया था। घर-घर जाकर लोगों से लाइसेंस बनाने की अपील की गई थी, जिसके बाद कई लोगों ने पालतू कुत्तों का लाइसेंस बनवाया। अब तक 500 लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं। इस साल भी 60 से ज्यादा लोगों ने लाइसेंस बनवाया है। फिर भी जिले में ऐसे कई लोग हैं जिन्होंने अब तक कुत्ता पालने के लिए लाइसेंस नहीं लिया है। ऐसे लोगों के खिलाफ पालिका सख्त कार्रवाई करेगी। बिना लाइसेंस के कुत्ता पालने वाले लोगों को नोटिस भेजा जाएगा, इसके बाद भी लाइसेंस न बनवाने पर कार्रवाई की जाएगी।