Dehradun के Maldevta क्षेत्र में cloudburst के बाद आया सैलाब भले ही कम हो गया हो, लेकिन लोगों के जख्म अबतक नहीं भरे हैं।
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अनुष्का ढौंडियाल
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Image: Search continues for bodies after cloudburst in Dehradun Maldevta
देहरादून: उत्तराखंड में मूसलाधार बरसात से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया।
cloudburst in Dehradun Maldevta
इसी बीच राजधानी देहरादून के मालदेवता में अतिवृष्टि से पूरा क्षेत्र तालाब में डूब चुका है। मालदेवता क्षेत्र में आया सैलाब भले ही कम हो गया हो, लेकिन लोगों के जख्म अबतक नहीं भरे हैं। स्थानीय लोगों के दिल में अब भी दिन-रात डर का साया मौजूद है। क्षेत्र में चारों ओर तबाही के मंजर बीच प्रभावितों के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। लोगों को डर है कि अतिवृष्टि से जिस तरह नदियों में पानी है और पहाड़, सड़क, संपर्क मार्ग टूट चुके हैं, अगर फिर से तेज बारिश हुई तो संकट आ सकता है। अतिवृष्टि से आए हुए सैलाब में कई बेकसूरों की जान चली गई है जिनके शव अब तक बरामद नहीं हो पाए हैं जिसके बाद उनके परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो रखा है। उनके परिजनों ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है और कहा है कि प्रशासन भले ही कुछ ना करे मगर उनके परिजनों के शव उन तक पहुंचा दें। वहीं राहत और बचाव कार्यों में ढिलाई का आरोप लगाते हुए सरखेत और आसपास के ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन के प्रति आक्रोश व्यक्त किया। लोगों ने रविवार दोपहर सरखेत में पहुंचे एडीएम केके मिश्र और सिटी मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान का घेराव किया। अधिकारियों ने लोगों को समझा बुझाकर किसी तरह शांत कराया। लोगों ने कहा कि उन्हें कुछ नहीं चाहिए बस उनके अपनों के शव ही दिला दीजिए। जहां एक ओर लोग अपनों को खोने के गम में डूबे हैं तो दूसरी तरफ प्रशासन की व्यवस्थाएं नाकामयाब दिख रही हैं। आगे पढ़िए
सरखेत निवासी करन सिंह कोटनाला और गोविंद सिंह बताते हैं कि घटना की रात पूरे घर में पानी भर गया था। घर में मौजूद खाने-पीने का सामान और बिस्तर-कपड़े सब खराब हो गए। तीन बीघा जमीन बह गई। यहां तक कि पीने के पानी की भी व्यवस्था नहीं है। लगातार डर लगा हुआ है कि कहीं फिर से आपदा न आ जाए। वहीं भैंसवाड़ गांव के सरोप सिंह चौहान कहते हैं कि उनकी गोशाला दब गई है। पास का एक मकान भी मलबे में दफन हो गया। कई लोग मलबे में दब गए हैं। एसडीआरएफ ने रायपुर क्षेत्र के बड़ासी पुल के नीचे से एक व्यक्ति का शव बरामद कर किया है। वहीं इस पूरे मामले में सिटी मजिस्ट्रेट का कहना है कि प्रशासन लगातार क्षेत्र पर नजर बनाए हुए हैं और बीते रविवार को दोपहर में ही भोजन और पानी की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध करा दी गई है। आगे और भी मदद भेजी जाएगी।