Advertisement
Best Hidden Treks in Kedar Himalaya for True Mountain Lovers
A chance to reconnect with nature and inner peace. Treks in Kedar Himalaya that stay with you for a lifetime.
Example Ads Media
देहरादून: उत्तराखंड में मानसून ने जनजीवन अस्त व्यस्त कर रखा है। देहरादून में भी मानसून लोगों को रुला रहा है।
देहरादून जनपद की बांदल घाटी में मानसून अभी कुछ दिन और दर्द दे सकता है। मानसून के वर्तमान समीकरण के अनुसार देहरादून जनपद से सटे क्षेत्रों में अभी भारी बारिश का क्रम जारी रहने की आशंका है। आपदा का दंश झेल रही बांदल घाटी के लोग बुरी तरह सहमे हुए हैं। मानसून की अति सक्रियता के कारण बांदल और आसपास के क्षेत्र में सामान्य से कई गुना अधिक वर्षा हो चुकी है। देहरादून से सटे क्षेत्रों में अभी भारी वर्षा का क्रम जारी रहने की आशंका है। देहरादून और नैनीताल में अभी बारिश और दर्द दे सकती है। मौसम विज्ञानी इसका कारण मानसून के पैटर्न में आए बदलाव को मान रहे हैं। प्रदेश में जुलाई और अगस्त में बारिश सामान्य से कम कुछ हुई, लेकिन इस बीच कुछ निश्चित क्षेत्रों में मेघ कई गुना अधिक बरस रहे हैं। जिससे आपदा जैसे हालात पैदा हो रहे हैं।
पहाड़ों में भूस्खलन से तो बीते तीन माह से जन जीवन प्रभावित है ही इसी के साथ इस बार मानसून में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी बहुत रुलाया है। निचले इलाकों में नदी-नालों के उफान से आफत बनी हुई है। कुछ क्षेत्रों में अतिवृष्टि के कारण भारी नुकसान भी हो रहा है। खासकर देहरादून से सटी बांदल घाटी में पिछले दो सप्ताह के भी मानसून की बारिश कई बाद प्रकोप बरपा चुकी है। जिस वजह से जनजीवन पूरी तरह सहमा हुआ है। यहां भारी बारिश का कारण मजबूत मानसून और निम्न दबाव का क्षेत्र एक साथ बनने को बताया जा रहा है।मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार मानसून के पैटर्न में कुछ बदलाव देखने को मिल रहा है, जिसके चलते प्रदेश में कहीं कहीं तो सामान्य से बेहद कम वर्षा तो कहीं पर कई गुना अधिक बारिश दर्ज की जा रही है। वहीं देहरादून के बांदल क्षेत्र में अभी भी मानसून का प्रकोप रह सकता है जबकि, प्रदेश में अन्य क्षेत्रों में कुछ दिन मानसून राहत दे सकता है।