गर्व का पल: उत्तराखंड के शिक्षक को अवॉर्ड देने के लिए खुद मंच से उतरीं राष्ट्रपति..देखिए वीडियो

जैसे ही teacher Pradeep Negi अपनी सीट से खड़े होकर मंच पर चढ़ने के लिए आते हैं तो खुद राष्ट्रपति Draupadi Murmu नीचे आ जाती हैं। देखिए वीडियो
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uttarakhand teacher pradeep negi : Uttarakhand teacher Pradeep Negi got President Award
Image: Uttarakhand teacher Pradeep Negi got President Award

हरिद्वार: शिक्षक दिवस के अवसर पर उत्तराखंड को गौरवान्वित करने वाली खबर आ रही है। शिक्षक दिवस 2022 के अवसर पर उत्तराखंड के दो शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार 2022 प्रदान किया गया है। Uttarakhand teacher Pradeep Negi got President Award यह पुरस्कार और किसी ने नहीं बल्कि स्वयं भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा प्रदान किया गया है। उत्तराखंड के प्रधानाचार्य कौस्तुभचंद्र जोशी और प्रवक्ता प्रदीप नेगी को पांच सितंबर को राष्ट्रपति मुर्मु ने दिल्ली में सम्मानित किया है। दोनों शिक्षकों की इस उपलब्धि के लिए हर कोई उन्हें बधाई दें रहा है। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू के एक कदम ने सबका दिल जीत लिया और पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से भर गया. दरअसल पुरस्कार वितरण के दौरान उत्तराखंड के शिक्षक प्रदीप नेगी के नाम की घोषणा हुई. वीडियो में दिख रहा है कि जैसे ही नेगी अपनी सीट से खड़े होकर मंच पर चढ़ने के लिए आते हैं तो खुद राष्ट्रपति नीचे आ जाती हैं। मंच के नीचे उतर कर राष्ट्रपति मुर्म प्रदीप नेगी को सम्मानित करती हैं. इस दौरान देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी मौजूद थे। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल से इस वीडियो को शेयर किया है। आगे देखिए वीडियो

गौरतलब है कि उत्तराखंड से तीन शिक्षकों का नाम राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए भेजा गया था। जिसमें नैनीताल में प्रतापपुर-चकालुआ स्थित एसडीएस राजकीय इंटर कालेज के प्रधानाचार्य कौस्तुभचंद्र जोशी और हरिद्वार में बीएचईएल इंटर कालेज में प्रवक्ता पद पर कार्यरत शिक्षक प्रदीप नेगी का चयन हुआ है। बताया जा रहा है कि कौस्तुभचंद्र जोशी को ओपन केटेगरी में चुना गया है। जबकि प्रदीप नेगी को स्पेशल कैटेगरी (दिव्यांग) के तहत पुरस्कार दिया गया है। दोनों शिक्षक राष्ट्रीय आईसीटी पुरस्कार से भी सम्मानित हैं। प्रधानाचार्य कौस्तुभचंद्र जोशी ने अपने सेवाकाल में शिक्षा से जुड़े इंटरनेट कंटेट की मदद से छात्रों के शिक्षण को सरल करने का प्रयास किया। इसी के अलावा उन्होंने रेन वाटर हार्वेस्टिंग का प्रयोग कर छात्रों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक भी किया है। तो वहीं शिक्षक प्रदीप नेगी को शिक्षण में नवाचार के लिए जाना जाता है। प्रदीप नेगी के कदम दिव्यांगता भी नहीं डिगा पाई। प्रदीप नेगी ने समस्त देवभूमि उत्तराखंड का नाम भी रोशन किया है और यह साबित कर दिया है कि दिव्यांगता कभी भी सफलता के आड़े नहीं आती। ऑनलाइन शिक्षण कार्य के मास्टर ट्रेनर प्रदीप नेगी को उनके ब्लॉग, मोबाइल एप, वेबसाइट, यूट्यूब चैनल जैसे नवाचार शिक्षा के लिए आज उनको राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार दिया गया।