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ऋषिकेश: उत्तराखंड में अंकिता भंडारी मर्डर केस के राज धीरे धीरे खुलने शुरू हो गए हैं।
खुलासा हुआ है कि रिसॉर्ट का मालिक पुलकित आर्य और अन्य आरोपी अंकिता पर होटल ग्राहकों से शारीरिक सम्बन्ध बनाने का दबाव बनाते थे। ये बात अंकिता ने अपने कुछ साथियों को बता दी थी। इसी को लेकर अंकिता और आरोपितों के बीच 18 सितंबर को विवाद हुआ था। जिसके बाद सभई आरोपी उसे अपने साथ दोपहिया वाहन में घुमाने के लिए ले गए। रास्ते में तीनों के साथ अंकिता कि दोबारा कहासुनी हुई। इस दौरान उनके बीच हाथापाई भी हुई। जिससे अंकिता को धक्का लगा और वो नहर में गिर गई। आरोपित अंकिता को ऐसे ही छोड़ वापस रिसॉर्ट आ गए और सबको नई कहानी सुनाई। तीनों से पूछताछ की गई तो उन्होंने अपराध कबूल कर लिया। आगे पढ़िए पूरे मर्डर की दास्तान
आरोपी सौरभ ने बताया कि 18 सितंबर की शाम पुलकित और अंकिता रिजॉर्ट में थे, तब दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इस पर पुलकित ने कहा कि अंकिता गुस्से में है इसे लेकर ऋषिकेश चलते हैं। चारों एक बाइक और एक स्कूटी से रिजॉर्ट से निकले। हम लोग बैराज होते हुए एम्स के पास पंहुचे। तब बैराज चौकी से करीब 1.5 किमी दूर पुलकित अंधेरे में रुका तो हम भी रुक गए। उसके बाद वह हमने शराब पी और मोमो खाए। हम अंकित व पुलकित चीला रोड पर नहर के किनारे बैठे हुए थे। तभी दोबारा अंकिता व पुलकित के बीच विवाद हुआ। पुलकित ने कहा कि अंकिता हमें अपने साथियों के बीच बदनाम करती है। हमारी बातें अपने साथियों को बताती है कि हम उसे कस्टमर से सम्बन्ध बनाने के लिये कहते हैं। इस पर अंकिता गुस्सा हो गयी और उससे हमारी झड़प हो गयी। तब अंकिता ने कहा कि मैं रिजॉर्ट की हकीकत सबको बता दूंगी और इतना कहकर उसने पुलकित का मोबाइल नहर में फेंक दिया। इस पर हमें गुस्सा आ गया। हम नशे में थे, पता नहीं चला कि हम क्या कर रहे हैं। अंकिता हमसे हाथापाई करने लगी तो हमने गुस्से में उसे धक्का दे दिया और वह नहर में गिर गई। हम घबरा गए और प्लान के तहत रिजॉर्ट पहुंचे। इसके बाद शेफ मनवीर से अंकिता के बारे में पूछा तो उसने कहा कि वो हमारे साथ नहीं थी। प्लान के तहत अंकित ही खाना लेकर अंकिता के कमरे मे गया और खाना रखकर आ गया। अगली सुबह पुलकित और अंकित गुप्ता हरिद्वार चले गये और हरिद्वार से पुलकित ने नया मोबाइल और अपने जियो का डमी सिम खरीदा। प्लान के तहत पुलकित ने हमारे रिसॉर्ट में काम करने वाले सौरव बिष्ट को कहा कि अंकिता को कमरे में जाकर उसका फोन ले आओ ताकि सौरव बिष्ट कमरे में जाये और हमें बताये की अंकिता कमरे में नहीं है। हुआ भी कुछ ऐसी ही पुलकित ने ही अंकिता की गुम होने की एफआइआर दर्ज कराई। किसी को शक न हो इसलिए आरोपियों ने ही अंकिता Ankita Bhandari की गुमशुदगी की प्राथमिकी भी दर्ज करवाई थी। इसके बाद आरोपियों ने प्लान किया कि तीनों एक जैसे बयान देंगे। इसके लिए तीनों आरोपियों ने सोच समझकर घटना की टाइमिंग सेट की।