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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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ऋषिकेश: अंकिता भंडारी हत्याकांड के बाद उत्तराखंड समेत समस्त देश भर में जगह-जगह पर धरना प्रदर्शन हो रहा है और लोग अंकिता भंडारी के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं।
हत्याकांड को लेकर विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है। इसी बीच मुख्य आरोपित पुलकित आर्या का परिवार भूमिगत हो गया है। चर्चाएं तो यह भी हैं कि उसके पिता डा. विनोद आर्या नेपाल भाग गए हैं। हालांकि पुलिस को इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। वहीं पुलिस ने ज्वालापुर आर्यनगर स्थित उनके घर और शोरूम पर लगा स्वदेशी आयुर्वेद फार्मेसी का बोर्ड भी उतार दिया गया है। ऐसा बताया जा रहा है कि सुरक्षा कारणों से उसके परिवार के सदस्यों को कुछ दिन के लिए रिश्तेदारी में मुजफ्फरनगर भेजा गया है। अंकिता भंडारी हत्याकांड का पर्दाफाश होने के बाद भी पुलकित के पिता डा. विनोद आर्या अपने बेटे को निर्दोष साबित करने में और सीधा-साधा बताने में जुटे रहे। तीन दिन पहले घर से जाने के दौरान मीडियाकर्मियों से बातचीत में विनोद आर्या ने बोला कि अंकिता के साथ-साथ पुलकित आर्या को भी इंसाफ की जरूरत है।
बुधवार को अचानक विनोद आर्या के नेपाल भागने की चर्चाएं तेज हो गईं। परिवार के सदस्यों को भी जिले से बाहर रिश्तेदारी में भेजे जाने की बात सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि परिवार के सदस्यों को मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर क्षेत्र स्थित रिश्तेदारी में भेजा गया है। दरअसल हत्याकांड को लेकर विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है। पहाड़ी महासभा सहित कई संस्थाओं ने पुलकित के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन किए। इसलिए परिवार खुद को असुरक्षित मान रहा था। आपको बताते चलें कि पूरे देश भर में अंकिता भंडारी के लिए इंसाफ मांगने वालों की भीड़ इकट्ठा हो रखी है और जगह-जगह पर अंकिता भंडारी के लिए न्याय की गुहार लगाते हुए धरना प्रदर्शन किए जा रहे हैं। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि अंकिता के दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाएगी और सरकार अंकिता के परिवार की हर संभव आर्थिक मदद भी करेगी।