पहाड़ के इस बुजुर्ग व्यक्ति ने राष्ट्रपति से मांगी इच्छामृत्यु, बीमारी की वजह से काटे गए दोनो पैर

बता दें कि सेवानिवृत्त कर्मी सोबन बीमारी से ग्रस्त है, जिसकी वजह से उनके दोनों पैर काटने पड़े। आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से वे गरीबी और लाचारी में जीवन जीने को मजबूर हैं।
Advertisement Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life

Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.

Example Ads Media
pithoragarh soban lal: Sobal Lal of Pithoragarh sought euthanasia from the President
Image: Sobal Lal of Pithoragarh sought euthanasia from the President

पिथौरागढ़: यूथेनेशिया यानी कि इच्छा मृत्यु कई देशों की तरह भारत में भी बैन है मगर उसके बावजूद तकलीफों और तमाम बीमारियों में ज़िन्दगी काट रहे कई लोग सरकार से इच्छा मृत्यु की गुहार लगाते हैं।

Sobal Lal of Pithoragarh demands euthanasia

गंभीर बीमारी से ग्रस्त पिथौरागढ़ के सेवानिवृत्त सरकारी कर्मी सोबन लाल वर्मा ने भी अब जिला प्रशासन से इच्छा मृत्यु की इजाजत मांगने के लिए जिलाधिकारी को पत्र सौंपा है। पीड़ित व्यक्ति पूर्व में डीएम कार्यालय मे माली के पद पर कार्य करता था। वर्तमान में पीड़ित व्यक्ति के शुगर लेवल बढ़ जाने से उसके दोनों पैरों को काटना पड़ा। ऐसे में वे लाचारी का जीवन जी रहे हैं और पीड़ित ने इच्छा मृत्यु की मांग के लिए प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति को पत्र भेजा है। वहीं, मामला का संज्ञान लेते हुए डीएम डॉ. आशीष चौहान डॉक्टरों की टीम लेकर पीड़ित व्यक्ति सोबन लाल के घर पहुंचे जहां उन्होंने बीमार बुजुर्ग और उनके परिवारजनों से मुलाकात की और उनको हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया।

बता दें कि पिथौरागढ़ निवासी सेवानिवृत्त सरकारी कर्मी सोबन लाल वर्मा (65 वर्ष) डायबिटीज से ग्रसित हो गए हैं जो नियंत्रित नहीं हो रहा था। इससे उनका शुगर लेवल इतना अधिक हो गया कि दोनों पैरों में संक्रमण फैलने लगा। इसकी वजह से उनके दोनों पैर काटने पड़े। रिटायरमेंट में मिली धनराशि इस उपचार में ही खत्म हो गई और जीवन भर की बचाई गई जमा पूंजी भी खत्म हो गई। पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा उन्हें इस संबंध में पत्र प्राप्त हुआ था। जिसके बाद वह सोबन लाल वर्मा के घर पहुंचे और उनका हालचाल पूछा साथ ही उनको हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया। वहीं डीएम पिथौरागढ़ ने एसीएमओ और एडमिनिस्ट्रेशन को यह निर्देश दे दिए हैं कि सोबन लाल को यथा संभव उपचार दिया जाए और उनकी भी काउंसलिंग की जाए।