बड़ी खबर: कल उत्तराखंड के इस जिले में स्कूलों की छुट्टी, भारी बारिश की चेतावनी

चम्पावत जिलाधिकारी नरेंद्र सिंह भंडारी ने 7 अक्टूबर शुक्रवार को कक्षा एक से कक्षा 12 तक के विद्यालयों में एक दिवसीय अवकाश घोषित किया है
Advertisement Triyuginarayan - World’s Most Divine Wedding Destination

Couples are choosing the sacred land of Lord Shiva’s wedding to begin their own love stories.

Example Ads Media
champawat school holiday 7 october: Uttarakhand Weather News School holiday on October 7 in Champawat
Image: Uttarakhand Weather News School holiday on October 7 in Champawat

चम्पावत: उत्तराखंड के 6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

School holiday on October 7 in Champawat

मौसम विभाग की ओर से भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए चम्पावत जिलाधिकारी नरेंद्र सिंह भंडारी ने 7 अक्टूबर शुक्रवार को कक्षा एक से कक्षा 12 तक के विद्यालयों में एक दिवसीय अवकाश घोषित किया है, साथ ही आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद रहेंगे। आपको बता दं कि अगले तीन दिन तक कुमाऊं और गढ़वाल क्षेत्र के ऊंचाई वाले इलाकों के साथ मैदानी क्षेत्रों में भी कहीं-कहीं भारी तो कहीं-कहीं मध्यम से हल्की बारिश के आसार हैं। बंगाल की खाड़ी से आ रहीं नम हवाओं के चलते कुमाऊं के कुछ जिलों में भारी बारिश के आसार हैं। अगले 24 घंटे के दौरान कुमाऊं मंडल के नैनीताल, बागेश्वर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चंपावत, उधम सिंह नगर में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। इसके मद्देनजर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। आगे पढ़िए

कुमाऊं क्षेत्र के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है तो वहीं पर्वतीय क्षेत्रों के लिए भी यलो अलर्ट जारी किया गया है। 7 अक्टूबर को राज्य के कुमाऊं और गढ़वाल मंडल के जनपदों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। इसे देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 8 अक्टूबर और 9 अक्टूबर को भी बारिश का दौर जारी रहेगा। पर्वतीय क्षेत्रों में कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है। दोनों दिनों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान कहीं-कहीं गर्जन के साथ बिजली चमकने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार संवेदनशील इलाकों में कहीं-कहीं हल्के से मध्यम भूस्खलन की संभावना है। नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है, ऐसे में सावधान रहना जरूरी है। जलभराव की वजह से फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मौसम का रुख देखते हुए सरकार, शासन, जिला प्रशासन के साथ ही आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को 24 घंटे सतर्क रहने की जरूरत है।