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Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
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ऋषिकेश: अगर सरकारी कुर्सियों पर बैठे लोग अपने फर्ज को सही तरह से निभाएं तो कोई भी बड़ी वारदात होने से बच सकती है। अगर लापरवाही हुई तो वो वारदात कितनी बड़ी होगी, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है।
हाल ही में उत्तराखंड में अंकिता हत्याकांड हुआ। इसमें कई लापरवाहियां सामने आई हैं। अगर पटवारी ने सही वक्त पर कदम उठाया होता, तो शायद अंकिता आज जिंदा होती। अगर सही वक्त पर कदम उठाया होता तो पुलकित का रिसॉर्ट अय्याशी का अड्डा न बनता। अब जांच में एक और बात का खुलासा हुआ है। वनन्तरा रिजॉर्ट का वैध रुप से पंजीकरण उत्तराखण्ड पर्यटन नियमावली में नहीं था। कुल मिलाकर देखें तो पुलकित को कुछ भी करने की खुली छूट मिली हुई थी। अगर रिसॉर्ट का रजिस्ट्रेशन उत्तराखंड पर्यटन नियमावली में होता, तो पुलकित इस तरह से बेलगाम न होता। आगे पढ़िए
एसआईटी द्वारा अंकिता मर्डर केस मे लगातार जांच जारी है। पुलिस चाहती है कि केस को हर हाल में फास्ट ट्रेक कोर्ट में ले जाया जाए। एसआईटी द्वारा पुलिस मुख्यालय देहरादून से पत्राचार किया गया है। इस दौरान विवेचना में ये तथ्य सामने आया है कि वनन्तरा रिजॉर्ट का वैध रुप से पंजीकरण उत्तराखण्ड पर्यटन नियमावली में नहीं था। इस बात का डर शायद पुलकित के दिल में कहीं भी नहीं था। रसूखदार होने की वजह से उसने कानून को ठेंगे पर ही रख लिया था। इसलिए वनन्त्रा रिसॉर्ट वीवीआईपी लोगों के लिए अय्याशी का अड्डा बन गया था। अंकिता को भी पहले वीआईपी को खुश करने के लिए कहा गया था। इस बात का खुलासा अंकिता और उसके दोस्त के बीच हुए चैट के स्क्रीन शॉट में भी हुआ था।