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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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ऋषिकेश: उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड के बाद से लोगों में बेहद आक्रोश है।
छात्र संगठन और सभी लोग सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। सीबीआई जांच की मांग को लेकर 18 अक्टूबर को अंकिता भंडारी के गांव से ऋषिकेश तक तिरंगा यात्रा निकाली गई। इस बीच पुलिस ने तिरंगा यात्रा को बैराज पुल पर ही रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच जमकर बहस हुई और कुल 32 लोगों को हिरासत में लिया गया है। आपको बता दें कि तमाम छात्र संगठन श्रीनगर से पैदल तिरंगा यात्रा लेकर ऋषिकेश पहुंचे थे। आगे पढ़िए
ऋषिकेश पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने भी तिरंगा यात्रा को अपना समर्थन दिया। उधर बैराज पुल पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर लोगों को रोक दिया। इसके बाद गुस्साए लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। खबर है कि इस धक्का-मुक्की के बीच एक युवक के सिर से अचानक खून निकलने लगा। लोगों का आरोप है कि पुलिस ने डंडा मारकर युवक का सिर फोड़ा। इस दौरान महिलाएं बीच सड़क पर बैठकर नारेबाजी करते दिखे। लोगों की लगातार मांग है कि अंकिता हत्याकांड की जांच सीबीआई से करवाई जाए और उसका नाम उजागर किया जाए जिसके लिए अंकिता पर दबाव बनाया जा रहा था।