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Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.
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रुद्रप्रयाग: विश्वप्रसिद्ध केदारनाथ धाम के दर्शन करने आए पीएम नरेंद्र मोदी आज केदारनाथ रोपवे सेवा का शिलान्यास करेंगे। ये प्रोजेक्ट उत्तराखंड के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
रोपवे सेवा शुरू होने के बाद घंटों का सफर मिनटों में तय होगा, यात्री सुविधाजनक तरीके से केदारनाथ धाम पहुंच सकेंगे। इतना ही नहीं रोपवे सेवा शुरू होने के बाद यात्रियों को महंगी हेली सेवा का बेहतर और किफायती विकल्प मिल जाएगा। इससे यात्रा सुगम होने के साथ किफायती भी होगी। रोपवे प्रोजेक्ट के लिए कार्यदायी संस्था के तौर पर एनएचएआई का चयन किया गया है। परियोजना निदेशक पंकज मौर्य ने बताया कि पीएम मोदी सोनप्रयाग से केदारनाथ तक 13 किलोमीटर रोपवे प्रोजेक्ट का भूमि पूजन करेंगे। प्रोजेक्ट के फर्स्ट फेज में गौरीकुंड से केदारनाथ तक 9.5 किलोमीटर रोपवे सेवा का काम शुरू किया जाएगा। इससे 16 किलोमीटर लंबी केदारनाथ यात्रा सुगम बनेगी। प्रोजेक्ट के लिए हाल में केंद्रीय पर्यावरण बोर्ड से भी मंजूरी मिल चुकी है, जिसके बाद प्रोजेक्ट का काम तेजी से आगे बढ़ेगा
वर्तमान में केदारनाथ तक पहुंचने के लिए 16 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करनी पड़ती है, रोपवे सेवा शुरू होने के बाद यात्री महज 30 मिनट में ये दूरी तय कर लेंगे। शुरुआती फेज में इस प्रोजेक्ट में प्रत्येक घंटे 2000 यात्रियों की आवाजाही का लक्ष्य रखा गया है। धीरे-धीरे क्षमता बढ़ाई जाएगी, जिसके बाद हर घंटे तकरीबन 3600 यात्री आवाजाही कर सकेंगे। रोपवे सेवा शुरू होने से यात्रियों को हेली सेवा का सस्ता विकल्प मिल जाएगा। हजारों रुपये खर्च कर हेली सेवा का टिकट नहीं खरीदना पड़ेगा। हर साल करोड़ों कमाने वाली हेली सेवाओं पर लगातार सवाल भी उठते रहे हैं। 13 किलोमीटर लंबे रोपवे में यात्रियों के लिए मुख्य तौर पर दो स्टेशन सोनप्रयाग और गौरीकुंड होंगे। आपातकाल के लिए चिड़वासा और लिंमचोली में टेक्निकल स्टेशन भी बनाए जाएंगे। Kedarnath Ropeway रोपवे के शुरू होने से चारधाम यात्रा को मजबूती मिलेगी।