ग्रहण: उत्तराखंड में दिवाली बाद बंद रहेंगे चार धाम के कपाट, शुरू हो रहा है सूतक

25 अक्तूबर को 12 घंटे पहले सूर्य ग्रहण यानी solar eclipse का सूतक प्रारंभ हो जाएगा, इसके चलते बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री मंदिर समेत अन्य छोटे-बड़े मंदिर बंद रहेंगे।
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Image: Uttarakhand Char Dham kapat will remain closed on solar eclipse

चमोली: चारधाम की यात्रा पर आए श्रद्धालु ध्यान दें। 25 अक्टूबर को सूर्यग्रहण है। ऐसे में श्रद्धालु चारधाम बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री समेत अन्य मंदिरों के दर्शन नहीं कर सकेंगे।

Char Dham kapat will remain closed on solar eclipse

ग्रहण काल के दौरान चारधाम समेत सभी मंदिरो के कपाट बंद हो जाएंगे। सुबह चार बजकर 26 मिनट पर कपाट बंद हो जाएंगे और शाम साढ़े पांच बजे बाद खुलेंगे। 25 अक्टूबर को 12 घंटे पहले सूतक प्रारंभ हो जाएगा, इसके चलते बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री मंदिर समेत अन्य छोटे-बड़े मंदिर बंद रहेंगे। शाम को पांच बजकर 32 मिनट तक ग्रहण काल रहेगा। इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे और श्रद्धालु भगवान के दर्शन नहीं कर सकेंगे। ग्रहण काल के दौरान मंदिरों में दर्शन, पूजन, आरती नहीं होगी। ग्रहण काल की समाप्ति के बाद ही मंदिरों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे।

चारधाम यात्रा को लेकर इस बार श्रद्धालुओं में खूब उत्साह देखा गया। सभी धामों में अब तक 44 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। जल्द ही शीतकाल के लिए मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। 19 नवंबर को बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होंगे, जबकि 27 अक्टूबर को केदारनाथ व यमुनोत्री धाम के कपाट बंद हो रहे हैं। 26 अक्टूबर को गंगोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। बता दें कि इस बार दिवाली महापर्व के पांच दिनों के दौरान साल का आखिरी सूर्य ग्रहण यानी solar eclipse भी लगेगा। यह ग्रहण 25 अक्टूबर को होगा। यह आंशिक ग्रहण होगा, जिसे देश के कई हिस्सों में देखा जा सकेगा। दिवाली के अगले दिन ग्रहण होने से गोवर्धन पूजा दिवाली के तीसरे दिन मनाई जाएगी। 27 वर्षों बाद ग्रहण के कारण दिवाली के तीसरे दिन गोवर्धन पूजा होगी।