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भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
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बागेश्वर: हमारे समाज मे सफलता को सेलिब्रेट करना तो सिखाया जाता है, लेकिन असफलता से कैसे निपटना है ये कोई नहीं बताता।
अगर 21 साल का कमलेश ये बात जानता तो शायद आज वो हमारे बीच होता। उसके परिवार को उसके असमय ही चले जाने का दुख न सहना पड़ता। कमलेश अग्निवीर बनकर देश की सेवा करना चाहता था। इसके लिए उसने खूब मेहनत भी की थी, लेकिन सेलेक्शन नहीं हुआ तो कमलेश इस कदर टूटा कि उसने खुदकुशी कर ली। कमलेश गोस्वामी पुत्र हरीश गिरि गोस्वामी का परिवार बागेश्वर के कपकोट में रहता है। कमलेश लंबे समय से सेना में भर्ती होने के लिए तैयारी कर रहा था।
पिछले महीने उसने परीक्षा में हिस्सा भी लिया। उम्मीद थी कि पास हो जाएगा, लेकिन सोमवार को रिजल्ट आया तो पास होने वालों की लिस्ट में अपना नाम देख कमलेश निराश हो गया। वो बिना किसी से कुछ कहे सीधे अपने कमरे में गया और जहरीला पदार्थ खाकर खुदकुशी कर ली। कमलेश की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा है। परिजनों ने बताया कि फौज में भर्ती न हो पाने का दुख कमलेश को भीतर ही भीतर खाए जा रहा था। रिजल्ट आने के बाद से वो बेहद परेशान था, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि कमलेश आत्मघाती कदम उठा लेगा। परिवार को उससे ढेरों उम्मीदें थी, माता-पिता ने सोचा था कि कमलेश परिवार का सहारा बनेगा, लेकिन सोमवार को सब खत्म हो गया। बेटे Kamlesh Goswami की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम पसरा है।