अंकिता के पिता बोले कि 25 अक्टूबर को आरोपी पुलकित आर्य के रिजॉर्ट पर बुलडोजर चला। इसके बाद आग लगने की घटना हुई, जो की साफ तौर पर सबूत मिटाने की साजिश है।
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कोमल नेगी
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Image: Ankita Bhandari parents dont trust SIT
ऋषिकेश: अंकिता हत्याकांड का खुलासा होते ही आरोपी पुलकित आर्य के रिजॉर्ट पर रातोंरात बुलडोजर चला दिया गया था।
Ankita Bhandari parents dont trust SIT
यमकेश्वर विधायक के इशारे पर हुई ये कार्रवाई शुरू से संदेह के घेरे में है। अंकिता भंडारी के माता-पिता भी यही कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि बुलडोजर चलाने की कार्रवाई 25 अक्टूबर को आरोपी पुलकित आर्य की पत्नी के रिजॉर्ट पहुंचने के बाद हुई। इसके बाद आग लगने की घटना हुई, जो की साफ तौर पर सबूत मिटाने की साजिश है। अंकिता के पिता बीरेंद्र भंडारी ने कहा कि आखिर वर्जित क्षेत्र में आरोपियों से जुड़े व्यक्ति को जाने की इजाजत कैसे मिल गई? इतनी पुलिस-पीएसी तैनात होने के बावजूद आग कैसे फैल गई? उनका कहना है कि पुलकित आर्य के वनंतरा रिजॉर्ट के पास की फैक्ट्री में पुलिस और पीएसी की मौजूदगी आग सबूत मिटाने के लिए लगाई गई। इतना ही नहीं नैनीताल हाईकोर्ट पहुंचे अंकिता के माता-पिता ने उत्तराखंड सरकार और एसआईटी ( SIT) पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि एसआईटी राज्य सरकार के दबाव में काम कर रही है। आगे पढ़िए
अंकिता का रूम बुलडोजर के जरिए तोड़ा गया। उसमें एक विधायक की भूमिका सामने आई थी। ये कार्रवाई किसके कहने पर और क्यों हुई, इसकी जांच अब तक नहीं हुई। हमें बताया जाना चाहिए कि बुलडोजर किसने मंगवाया था? उसका ड्राइवर कौन था? यह सब किसके आदेश पर हुआ? आखिर अंकिता का कमरा क्यों तोड़ा गया? उधर याचिकाकर्ता आशुतोष नेगी ने भी सरकार पर परेशान करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि क्राउड फंडिंग के जरिए केस लड़ने के लिए 49 हजार रुपये एकत्रित किए गए थे, लेकिन प्रशासन उन पर केस न लड़ने का दबाव बना रहा है। पौड़ी नगर पालिका ने उनके खिलाफ एक लाख रुपये की आरसी काट दी है ताकि वो पीछे हट जाएं। अंकिता के पिता बीरेंद्र भंडारी ने कहा कि उनकी बेटी को न्याय नहीं दिलाया जा रहा, केवल आरोपियों को बचाने की कोशिश में सारे सबूत मिटाए जा रहे हैं। डेढ़ महीने से जांच चल रही है पर अब तक उन्हें इस बारे में कुछ नहीं बताया गया है। उन्हें अपनी बेटी के लिए इंसाफ चाहिए।