बड़ी खबर: देहरादून-हल्द्वानी के युवक दक्षिण अफ्रीका में नजरबंद, PM मोदी से मदद की अपील

गिनी की नौसेना ने भारतीय क्रू के सदस्यों को हिरासत में लेकर नजरबंद कर दिया है, जिनमें उत्तराखंड के हल्द्वानी और देहरादून के रहने वाले दो युवक भी शामिल हैं।
Advertisement Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of

Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.

Example Ads Media
dehradun haldwani youth south africa: Dehradun Haldwani youth trapped in South Africa
Image: Dehradun Haldwani youth trapped in South Africa

देहरादून: अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए मर्चेंट नेवी में काम करने वाले उत्तराखंड के कुछ युवकों को दक्षिण अफ्रीका में हिरासत में ले लिया गया।

Dehradun Haldwani youth trapped in South Africa

गिनी की नौसेना ने भारतीय क्रू के करीब 16 लोगों सहित मर्चेंट नेवी में कार्यरत 26 युवकों को हिरासत में लेकर नजरबंद कर दिया है, जिनमें से दो युवक उत्तराखंड के हल्द्वानी और देहरादून के रहने वाले हैं। नजरबंद किए गए लोगों पर तेल चोरी का आरोप है। जब से इन्हें हिरासत में लिए जाने की सूचना परिजनों को मिली है, उनका रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने पीएम नरेंद्र मोदी से मदद की गुहार लगाई है। हिरासत में लिए गए लोगों में शामिल सौरभ की पत्नी शोभा ने बिलखते हुए बताया की जल्द ही गिनी की नौसेना नजरबंद लोगों को नाइजीरिया ले जाने वाली है। जिसके बाद वो अपने परिजनों से कभी बात नहीं कर पाएंगे।

गिनी में फंसे भारतीय क्रू एजेंटों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। इस बीच वहां फंसे क्रू एजेंट का एक मार्मिक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें युवक रोते हुए नजर आ रहे हैं और पीएम नरेंद्र मोदी से मदद की गुहार लगा रहे हैं। वीडियों में युवक कहते दिखाई दिए कि अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही हमें बचा सकते हैं। हमारे इस वीडियो को पीएम नरेंद्र मोदी तक पहुंचाने की कृपा करें ताकि दक्षिण अफ्रीका में फंसे हम सभी युवक यहां से रिहा होकर अपने वतन भारत वापस आ सकें। रो रहे युवकों ने कहा कि उनकी शिप को नाइजीरिया ने अपने कब्जे में ले लिया है और आज उनको भी नाइजीरिया के हैंडओवर किया जा रहा है। इसके बाद हमारा क्या होगा, हम नहीं जानते। आज के बाद हम कोई भी अपडेट या वीडियो नहीं बना सकते, क्योंकि हमारे फोन भी ले लिए जाएंगे। युवकों और उनके परिजनों ने उत्तराखंड और भारत सरकार से उनकी वतन वापसी की गुहार लगाई है।