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Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.
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देहरादून: असम के गुवाहाटी से पूरे उत्तराखण्ड को गौरवान्वित करने वाली बड़ी खबर सामने आ रही है।
गुवाहाटी में चल रही 37वीं नेशनल जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में देवभूमि के एक और लाल ने स्वर्ण पदक हासिल कर उत्तराखंड का नाम रौशन किया है।गुवाहाटी में चल रही चैंपियनशिप में बीते रविवार का दिन बहुत बड़ा साबित हुआ। उत्तराखण्ड की झोली में दो स्वर्ण पदक हासिल आए। जहां एक ओर दस हजार मीटर वाक रेस में मानसी नेगी ने स्वर्ण पदक हासिल कर कीर्तिमान स्थापित किया तो वहीं पांच हजार मीटर वाक रेस में हिमांशु कुमार ने भी स्वर्ण पदक अपने नाम किया।स्वर्ण पदक हासिल कर समूचे प्रदेश का मान बढ़ाने वाले हिमांशु मूल रूप से देहरादून जिले के रहने वाले हैं। उनकी इस उपलब्धि से उनके परिवार के साथ ही समूचे उत्तराखण्ड में भी खुशी की लहर दौड़ गई है। वहीं राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस उपलब्धि के लिए उन्हें अपनी ओर से शुभकामनाएं दी हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हिमांशु मूल रूप से देहरादून जिले के रहने वाले हैं। असम के गुवाहाटी में चल रही 37वीं नेशनल जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए उन्होंने पांच हजार मीटर वाक रेस में स्वर्ण पदक हासिल कर लिया है।हिमांशु कुमार ने यह रेस 20:51:66 मिनट में पूरी की। जहां एक ओर उत्तराखंड के खेल जगत में दो स्वर्ण मेडल आने से खुशी की लहर दौड़ पड़ी है तो वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सोशल मीडिया के जरिए हिमांशु को शुभकामनाएं दी हैं। हिमांशु से पहले इसी चैंपियनशिप में उत्तराखंड की मानसी नेगी ने भी सभी रिकॉर्ड्स तोड़ते हुए गोल्ड मेडल प्राप्त किया है।राज्य के चमोली जिले के दशोली विकासखंड स्थित मजोठी गांव की रहने वाली मानसी ने असम के गुवाहाटी में चल रही 37वीं नेशनल जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए न केवल 10 किमी रेस वॉक प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल किया है बल्कि अब तक के नेशनल रिकार्ड को तोड़ते हुए एक नया कीर्तिमान भी स्थापित किया है।