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नैनीताल: देवभूमि उत्तराखंड और भारतीय सेना का संबंध अटूट है। सैन्य पृष्ठभूमि वाले इस राज्य ने कई जाबांज सैनिक भारत को दिए।
आज हम आपको उत्तराखंड के नैनीताल निवासी तथा वर्तमान में पुणे में रह रहे सेवानिवृत्त कर्नल डॉ. गिरजा शंकर मुनगली के बारे में बताने जा रहे हैं जो भले ही सेवानिवृत्त हो गए हैं मगर अब भी उनके ज़हन में फौजियों वाला जुनून है और उनका दिल आज भी नौजवान है। उन्होंने एक नया कारनामा कर दिया है। उन्होंने 70 वर्ष की उम्र में 1600 फीट की ऊंचाई से विमान से छलांग लगाई। सैन्य पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखने वाले भारतीय सेना से कर्नल के पद से सेवानिवृत्त हुए डॉ. गिरजा शंकर मुनगली ने वायु सेना के पैराशूट ब्रिगेड महोत्सव तेरा रियूनियन 2022 के दौरान 10 नवंबर को आगरा में वायु सेना प्रशिक्षण में एयरवेज पर 1600 फीट की ऊंचाई से एक विमान से पैराजंपिंग की। इसमें उनके साथ 35 अन्य लोग भी शामिल थे। आश्चर्यजनक बात है कि वह टीम में सबसे उम्रदराज थे।
वह मूल रूप से उत्तराखंड के नैनीताल निवासी हैं एवं वर्तमान में पुणे में रह रहे हैं। सेवानिवृत्त कर्नल डॉ. गिरजा शंकर मुनगली ने 70 वर्ष की उम्र में 1600 फीट की ऊंचाई से विमान से छलांग लगाई है, जिसके बाद पूरे देश में उनकी सराहना हो रही है। अपने कार्यालय के दौरान वह भारतीय सेना के साहसिक विभाग के प्रमुख थे। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कई साहसिक कार्यों को अंजाम दिया। उन्होंने सेना में कई अहम भूमिका निभाकर मिशन पूरे किए। वह भारत और बांग्लादेश के बीच संयुक्त राॅफ्टिंग अभियान में भी शामिल रहे। सेना में रहते हुए साहसिक विभाग के प्रमुख होने के नाते उन्होंने हिमालय में कई ऊंची चोटियों को फतह किया है और कई अभियानों को भी सफलतापूर्वक पूरा किया है।