Advertisement
Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
Example Ads Media
चमोली: उत्तराखंड की खूबसूरत वादियां एडवेंचर के शौकीनों की पहली पसंद हैं। पिछले कुछ समय में यहां ट्रैकिंग समेत दूसरी गतिविधियां तेजी से बढ़ने के साथ ही इस दौरान होने वाले हादसे भी तेजी से बढ़े हैं।
चमोली में ट्रैकिंग के दौरान हुए एक ऐसे ही हादसे में बिहार के एक ट्रेनी पीसीएस अफसर की जान चली गई। बताया जा रहा है कि ट्रैकिंग के दौरान अफसर की तबीयत खराब हो गई थी। उन्हें इलाज के लिए देवाल के स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, लेकिन अफसर की जान बच नहीं सकी। जानकारी के मुताबिक 14 नवंबर को बिहार कैडर के 36 प्रशिक्षु पीसीएस अधिकारियों का एक दल घेस बगजी नागाड ट्रैक रूट पर ट्रैकिंग करने के लिए घेस वन विश्राम गृह में पहुंचा था। 15 नवंबर को सभी पूरे जोश के साथ ट्रैकिंग के लिए निकले। इस दौरान घेस से छह किमी दूर दीयारखेत पहुंचते ही देवाल घेस-नागाड ट्रैकिंग रूट पर एक अफसर की तबीयत बिगड़ गई।
ऑक्सीजन की कमी के चलते वो चल नहीं पा रहे थे। ट्रैकिंग दल उन्हें स्ट्रेचर के जरिए किसी तरह घेस तक लाया। बाद में उन्हें एंबुलेंस से देवाल के अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक अफसर की सांसें थम चुकी थीं। मृतक की शिनाख्त पीसीएस अधिकारी विवेक कुमार के रूप में हुई। 31 साल के विवेक बिहार के मुजफ्फरपुर के रहने वाले थे। अस्पताल के डॉक्टर शहजाद अली ने बताया कि विवेक कुमार मृत अवस्था में अस्पताल लाए गए थे। माना जा रहा है कि शरीर में ऑक्सीजन का स्तर कम होने के कारण अधिकारी की रास्ते में मौत हो गई। बता दें कि 5 अक्टूबर को भी चमोली जिले में कागभुसंडी की ट्रैकिंग पर गए एक ट्रैकर की तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई थी। इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।