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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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चमोली जिले का लाल देश की रक्षा में तैनात था और शहीद हो गया। जी हां चमोली जिले के एक नारायण बगड़ के कंसोला गांव के रहने वाले सूरज सिंह गढ़वाल राइफल में तैनात थे। वह पंजाब के भटिंडा में स्पेशल कमांडो की ट्रेनिंग प्राप्त कर रहे थे। बीती देर शाम सूरज सिंह के शहीद होने की खबर सामने आई। सूरज सिंह के पिता करण सिंह भी असम राइफल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वह वर्तमान में असम के तेजपुर में तैनात हैं। सूरज सिंह के बड़े भाई पंकज सिंह भी आर्मी मेडिकल कोर में भर्ती है। वह फिलहाल श्रीनगर जम्मू कश्मीर में तैनात है। पंकज सिंह इन दिनों छुट्टी पर आए हुए हैं। सूरज के गांव की ग्राम प्रधान कमला देवी का कहना है कि उनका बेटा और सूरज एक साथ सेना में भर्ती हुए थे। दोनों ने एक साथ शपथ ली थी और आज इस खबर से वह बेहद दुखी हैं। है उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में सारा क्षेत्र शहीद परिवार के साथ है। शहीद जवान का पार्थिव शरीर कल सैन्य सम्मान के साथ गांव लाया जाएगा।