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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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अल्मोड़ा: एक पिता ज़िंदगी भर मेहनत करता है, अपनी बेटी के शादी के सपने सँजोता है। पिता के लिए सबसे भावुक क्षण अपनी बेटी की शादी ही होता है।
अल्मोड़ा में भी एक पिता ने अपनी बेटी की शादी के लिए कई सपने सहेजे थे। मगर भगवान को शायद यह मंजूर था कि शादी की रात ही बेटी की डोली और पिता की अर्थी उठी। अल्मोड़ा में बेटी की शादी में दुल्हन के पिता नाचते-नाचते गिर गए। नगर के बेस चिकित्सालय ले जाने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया गया कि उनकी मौत हृदयाघात की वजह से हो गई। यह कोई पहला हादसा नहीं है। अब तक शादी ब्याज में नाचते-नाचते या चलते- चलते लोगों को अचानक हृदयाघात आने की कई खबरें हमने सुनी हैं। मगर उत्तराखंड में ऐसी पहली घटना अल्मोड़ा में हुई है। यहां पर बीते रविवार को बिटिया की बारात की तैयारी के बीच शनिवार रात मेंहदी के कार्यक्रम में नाच-झूम रहे दुल्हन के अभागे पिता को अचानक हृदयाघात आ गया। हादसे के बाद जैसे परिवार पूरा टूट गया। विवाह की पूरी तैयारी हो चुकी थी इसलिए परिजनों ने किसी तरह पिता का अंतिम संस्कार कर शादी संपन्न की। अभागी बेटी के मामा ने उसका कन्यादान किया। विवाह के दौरान सभी की आंखें भरी रहीं।