उत्तराखंड के 8 जिलों में बारिश से छूटेगी कंपकपी, पहाड़ों में बर्फबारी का अलर्ट

भूधंसाव का सामना कर रहे जोशीमठ शहर के लिए आने वाले दिन और खराब हो सकते हैं। अगर यहां बारिश हुई तो हालात और बिगड़ सकते हैं।
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Image: Uttarakhand weather report 11 January

रुद्रप्रयाग: प्रकृति जोशीमठ वासियों की कड़ी परीक्षा ले रही है। शहर भूधंसाव की चपेट में है, अब मौसम विज्ञानियों ने यहां बारिश की संभावना जताई है।

Uttarakhand weather report 11 January

शहर पर जमींदोज होने का खतरा मंडरा रहा है, ऐसे में अगर बारिश आई तो यहां तबाही मच जाएगी। मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी अनुसार प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है। इससे अगले तीन दिनों तक मैदान से लेकर पहाड़ तक बारिश होगी। तीन हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। इस तरह भूधंसाव के बाद आसमान में उमड़ रहे काले बादलों ने जोशीमठवासियों की चिंता बढ़ा दी है। बुधवार और बृहस्पतिवार को चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा और बागेश्वर में भी कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। ऐसे में शासन और जिला प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत है।

कुल मिलाकर भू-धंसाव की चपेट में आए जोशीमठ शहर के लिए आने वाले दिन और खराब हो सकते हैं। अगर यहां बारिश हुई तो हालात और बिगड़ सकते हैं। भू-धंसाव के बाद बनी दरारें और गहरा सकती हैं, पानी के नए स्रोत भी फूट सकते हैं। शासन-प्रशासन भी इस स्थिति को लेकर चिंतित है। विशेषज्ञों का कहना है कि भूधंसाव के चलते तमाम सेफ्टी टैंक लिकेज हुए होंगे, इनका पानी रास्ता तलाशेगा। बारिश का पानी इसके साथ मिलकर नए स्रोतों को जन्म दे सकता है। इससे भू-कटाव बढ़ेगा। बता दें कि भूधंसाव से प्रभावित क्षेत्र में अब तक 678 भवन चिह्नित किए गए हैं, जिनमें दरारें आई हैं। रविवार तक यह संख्या 603 थी। सुरक्षात्मक कार्यों के लिए प्रशासन ने नगर को कोर जोन और बफर जोन में बांटा है। जोन के हिसाब से ही भवनों का चिह्नीकरण और ध्वस्तीकरण किया जाएगा।