उत्तराखंड में नकल कर के पुलिस अफसर बने ये 20 लोग, पढ़ लीजिए सभी के नाम

पुलिस मुख्यालय ने ऐसे 20 दरोगा को निलंबित कर दिया है, जो कि नकल कर दरोगा बने थे। पढ़िए पूरी लिस्ट
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Image: uttarakhand police 20 inspector suspended name list

देहरादून: साल 2015 में हुई इस भर्ती में ऐसे कई अभ्यर्थी शामिल रहे, जो कि नकल के दम पर पुलिस महकमे का हिस्सा बनने में कामयाब रहे।

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भर्ती घोटाला सामने आने के बाद से इन सभी के चेहरों पर डर साफ देखा जा रहा था। शासन ने जांच कराई और अब पुलिस मुख्यालय ने ऐसे 20 दरोगा को निलंबित कर दिया है, जो कि नकल कर दरोगा बने थे। साल 2015 में हुई दरोगा भर्ती धांधली मामले में विजिलेंस की प्रारंभिक जांच के बाद इनके खिलाफ सख्त ऐक्शन लिया गया है। पढ़िए पूरे नाम
दीपक कौशिक- उधम सिंह नगर
अर्जुन सिंह- उधम सिंह नगर
बीना धपोला- उधम सिंह नगर
जगत सिंह शाही- उधम सिंह नगर
हरीश महर- उधम सिंह नगर
लोकेश- उधम सिंह नगर
संतोषी - उधम सिंह नगर
नीरज चौहान - नैनीताल
आरती पोखरियाल - नैनीताल अभिसूचना
प्रेमा कोरंगा- नैनीताल
भावना बिष्ट - नैनीताल
ओमबीर- देहरादून
प्रवेश रावत- देहरादून
राज नारायण व्यास - देहरादून
जैनेंद्र राणा - देहरादून
निखिलेश बिष्ट- देहरादून
पुष्पेंद्र - पौड़ी गढ़वाल
गगन नैथानी - चमोली
तेज कुमार- चंपावत
मोहित सिंह रौथाण पीसी एसडीआरएफ ….आगे पढ़िए

जांच पूरी होने तक ये सभी निलंबित रहेंगे। एडीजी कानून व्यवस्था वी मुरुगेशन ने बताया कि प्रारंभिक जांच रिपोर्ट मिली है। इसमें 20 दरोगा का नाम सामने आया है। सभी को सस्पेंड किया गया है। 8 अक्टूबर 2022 को विजिलेंस हल्द्वानी सेक्टर में इस संबंध में मुकदमा दर्ज हुआ था। मुकदमे में कुल 12 आरोपी हैं। बता दें कि यूकेएसएसएससी मामले में जांच के दौरान साल 2015 में हुई दरोगाओं की भर्ती में भी धांधली की बात पता चली थी। यह परीक्षा पंतनगर विश्वविद्यालय ने कराई गई थी। विश्वविद्यालय के कुछ कर्मचारी भी इस घपले में शामिल पाए गए। इस मामले की जांच शासन के निर्देश पर विजिलेंस को दी गई थी। विजिलेंस सेक्टर हल्द्वानी मामले की जांच कर रहा है।