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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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कोटद्वार: सफलता-असफलता जीवन का हिस्सा हैं, लेकिन हम में से ज्यादातर लोग किसी परीक्षा में असफल होने को जीवन में असफल होना मान लेते हैं।
कोटद्वार के रहने वाले पुनीत ने भी यही किया। पुनीत सेना में भर्ती होना चाहता था। बचपन का सपना जो था। बीते दिनों वो यूपी में हुई सेना भर्ती में शामिल होने गया, लेकिन भर्ती नहीं हो सका। इस बात ने पुनीत को इस कदर परेशान किया कि वो डिप्रेशन में चला गया और उसने फांसी लगा ली। जवान बेटे की मौत के बाद अब घर में कोहराम मचा है। पुनीत रावत का परिवार सनेह के कुंभीचौड़ क्षेत्र मे रहता है। 23 साल का पुनीत कुछ दिन पहले यूपी के वृंदावन में हुई सेना की नर्सिंग असिस्टेंट की भर्ती में शामिल होने गया था, लेकिन सफल नहीं हो सका। तब से पुनीत परेशान था।
घरवालों ने उसे कई बार समझाया भी, लेकिन पुनीत पर कोई असर नहीं पड़ा। शनिवार को पुनीत अपने कमरे में गया और वहां पंखे पर फंदा लगाकर जान दे दी। घटना के थोड़ी देर बाद पिता किसी काम से पुनीत के कमरे में पहुंचे तो वहां बेटे की लाश देख वो बेहोश हो गए। खबर फैलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। बाद में पड़ोसियों की मदद से पुनीत को नीचे उतारा गया। परिजन उसे अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक पुनीत की मौत हो चुकी थी। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बहरहाल पुलिस ने मृतक का शव परिजनों को सौंप दिया है। मामले की जांच जारी है। आप भी इस घटना से सबक लें और अगर आपके आस-पास कोई डिप्रेशन से जूझ रहा हो तो उसकी मदद करें, उसका दुख बांटें। स्थिति गंभीर हो तो मनोचिकित्सक की मदद लेने से न झिझकें।