देहरादून में अपनी ही कंपनी को चूना लगा रहे थे 4 डिलीवरी ब्वॉय, 18 लाख का का माल उड़ा दिया

ये लोग कंपनी से सामान मंगवाते थे और फिर पार्सल को खोलकर उसमें रद्दी भरकर वापस कंपनी को भेज देते थे।
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dehradun ajio delivery boy : dehradun ajio company 4 delivery boy arrested
Image: dehradun ajio company 4 delivery boy arrested

देहरादून: सोशल मीडिया पर आपने कई खबरें देखी होंगी, जिसमें ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान कभी ग्राहक को फोन के बदले साबुन थमा दिया जाता है तो कभी लैपटॉप की जगह बॉक्स में पत्थर भरकर भेज दिए जाते हैं।

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ये तो हुई ग्राहकों के साथ ठगी की बात, लेकिन देहरादून में तो एक ऑनलाइन कंपनी के डिलीवरी ब्वॉय ही अपनी कंपनी को चूना लगाने में जुटे हुए थे। ये लोग कंपनी से सामान मंगवाते थे और फिर पार्सल को खोलकर उसमें रद्दी भरकर वापस कंपनी को भेज देते थे। कंपनी से कहते थे कि ग्राहक ने सामान वापस कर दिया है। डिलीवरी ब्वॉय का पूरा नेटवर्क लंबे समय से कुछ इसी तरह ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। अब पुलिस ने आजियो कंपनी को लाखों का चूना लगाने वाले 4 डिलीवरी ब्वॉय को गिरफ्तार किया है। चारों पर महज कुछ ही दिनों में 18 लाख की ठगी करने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक आजियो कंपनी शैडोफैक्स नाम की कुरियर कंपनी के माध्यम से अपने सामान की डिलीवरी करती है। शैडोफैक्स कंपनी के एरिया मैनेजर ने पुलिस को शिकायत दी थी। जिसमें बताया गया कि कई दिनों से उनके पार्सल वापस आ रहे हैं, इन पार्सलों में रद्दी या खराब सामान भरा मिलता है। इसी प्रकार से अभी तक करीब 18 लाख रुपये का सामान गायब हुआ है। आगे पढ़िए

शनिवार रात को पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। अब इस मामले में सलीम अली निवासी घड़ी गोखन, मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश, जयप्रकाश उर्फ दीपक झा निवासी ग्राम कनहोई थाना घनश्यामपुर जनपद दरभंगा बिहार, रोहन उर्फ दीपेंद्र चौधरी निवासी गोशन नगर, नागवास जनपद मधुबनी बिहार और बंटी निवासी खगौल रोड रामपुर दीनापुर थाना खगोल रामपुर पटना बिहार को पकड़ा गया है। कुछ आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। पकड़े गए आरोपी बंटी ने बताया कि वो कंपनी का माल फर्जी आईडी के जरिए गलत पते पर मंगवाते थे। क्योंकि पता फर्जी होता था तो आर्डर ऑटोमैटिक कैंसिल हो जाता है। कैंसिल ऑर्डर के सामान को हम पैकिंग से निकालकर उसकी जगह रद्दी और बेकार सामान पैक कर कंपनी को भेज देते थे। कस्टमर के नाम से मंगवाए गए ब्रांडेड सामान को अलग से महंगे दामों में बेच दिया जाता था। पुलिस के मुताबिक गिरोह का मास्टमाइंड 21 साल का बंटी ही है, वो लंबे वक्त से पार्सल डिलीवरी का काम कर रहा था। अच्छी कमाई के चक्कर में वो अपने साथियों संग गैंग बनाकर कंपनी को लाखों का चूना लगा चुका है।