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Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
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चमोली: जोशीमठ के लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाया जा रह है।
यहां के लोगों को अपनी छोटी-छोटी जरूरतों तक के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। ऐसे में सरकार के साथ आम लोग भी जोशीमठवासियों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। केरल के रहने वाले एक पादरी भी जोशीमठ वासियों की मदद करना चाहते थे, वो उनके लिए राहत सामग्री लेकर कोटद्वार से जोशीमठ जा रहे थे, लेकिन दुर्भाग्य से पादरी की कार हादसे का शिकार हो गई, जिसमें उनकी जान चली गई। मदद के लिए निकलने से पहले पादरी ने एक वीडियो भी बनाया था, जो कि अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में पादरी कहते दिखाई दे रहे हैं कि मैं सुबह 10 बजे यात्रा शुरू कर रहा हूं। पादरी कोटद्वार से जोशीमठ जा रहे थे। दोनों शहरों के बीच की दूरी करीब 300 किलोमीटर है।
हादसे में जान गंवाने वाले पादरी का नाम मेल्विन अब्राहम पल्लीताजथु है, वो 37 साल के थे। मूलरूप से केरल के कोझिकोड जिले के रहने वाले मेल्विन गुरुवार को नेक काम के लिए जोशीमठ जा रहे थे। उनकी कार में राहत सामग्री रखी थी, जो कि जोशीमठवासियों को दी जानी थी। जोशीमठ पहुंचने से पहले उनके दो और परिचित कार में सवार हुए। तीनों जोशीमठ जाने लगे। ये लोग जोशीमठ पहुंचने ही वाले थे कि तभी कार बर्फ से ढकी सड़क पर फंस गई। पादरी ने अपने दोनों साथियों को कार से उतरने को कहा और खुद कार को निकालने की कोशिश करने लगे। इसी दौरान कार खाई में जा गिरी। हादसे में पादरी की मौत हो गई। बता दें कि जोशीमठ में रविवार तक 863 दरार वाले भवनों को चिन्हित करते हुए 181 भवनों को पूरी तरह से असुरक्षित घोषित किया जा चुका था। जिस तरह के हालात यहां बने हुए हैं, उससे यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।