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देहरादून: प्रदेश में हो रही नर्सिंग अधिकारियों की भर्ती के लिए राजस्थान के कुछ युवाओं को आवेदन की इजाजत मिली है।
नैनीताल हाईकोर्ट ने राजस्थान के 8 युवाओं को उत्तराखंड में नर्सिंग अधिकारी के पद पर चल रही भर्ती के लिए प्रोविजनल आवेदन करने की इजाजत दी है। अब माना जा रहा है कि समूह-ग के पदों पर भर्ती के लिए अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों के लिए भी रास्ता साफ हो सकता है, उन्हें भी भर्ती में हिस्सा लेने का मौका मिल सकता है। ऐसा हुआ तो दूसरे राज्यों के युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे, लेकिन उत्तराखंड के युवाओं के लिए नौकरी के मौके कम हो जाएंगे। दरअसल कार्मिक विभाग के नियमों के अनुसार समूह-ग के पदों के लिए आवेदन करने वाले का राज्य का स्थाई निवासी होना और प्रदेश में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई करना अनिवार्य है।
लेकिन हाल में नैनीताल हाईकोर्ट ने राजस्थान के 8 युवाओं को उत्तराखंड में नर्सिंग अधिकारी के पद पर चल रही भर्ती के लिए प्रोविजनल आवेदन करने की इजाजत दी है। ये सभी युवा श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में संविदा पर नर्सिंग अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। हाईकोर्ट के आदेश के बाद ये सभी नर्सिंग अधिकारी के पद पर चल रही भर्ती में प्रोविजनल आवेदन कर सकेंगे। उत्तराखंड के स्वास्थ्य विभाग में नर्सिंग अधिकारी के 1564 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। चिकित्सा चयन आयोग यह भर्तियां वरिष्ठता के आधार पर कर रहा है। इस संबंध में आयोग की ओर से प्रकाशित विज्ञप्ति में दी गई शर्तों के चलते, अन्य राज्यों के युवा भर्ती के लिए आवेदन नहीं कर पाए थे। इस बीच श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में संविदा पर कार्यरत कुछ युवा हाईकोर्ट पहुंच गए, इनकी अपील पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने इन्हें प्रोविजनल आवेदन करने की इजाजत दे दी।