IAS Dhiraj Garbyal Bottle Recycling Plan नैनीताल शहर को जहां-तहां पड़ी शराब की बोतलों से मुक्ति दिलाने के लिए नैनीताल प्रशासन ने कमाल की स्कीम निकाली है।
-
कोमल नेगी
-
Advertisement
Cheapest Chardham Yatra 2026 Package? The Price Will Shock You!
Planning Chardham in 2026? These 5 Packages Are Getting Booked Fast
Example Ads Media
Image: IAS Dhiraj Garbyal Good Thinking About Liquor Bottle Recycling
नैनीताल: नैनीताल शहर पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय है। हर साल लाखों पर्यटक यहां पहुंचते हैं, लेकिन शहर मे जहां-तहां पड़ी शराब की बोतलें देखकर पर्यटकों का मन खट्टा हो जाता है। इससे शहर की छवि तो खराब होती ही है, खूबसूरती पर भी दाग लगता है।
IAS Dhiraj Garbyal Bottle Recycling Plan
इस समस्या के समाधान के लिए नैनीताल प्रशासन ने कमाल की स्कीम निकाली है। इसके तहत अगर शराब पीने के बाद किसी ने शराब की बोतल वापिस की तो उसे प्रशासन 10 रुपये रिफंड के तौर पर देगा। नैनीताल डीएम धीराज गर्ब्याल ने आबकारी विभाग को नैनीताल में रोजाना बिकने वाली शराब की बोतलों का डाटा मेंटेन करने को कहा है। ये भी तय किया गया है कि शराब के ठेके पर लगे वेस्ट बॉक्स में जो भी व्यक्ति शराब की खाली बोतल देगा, उसे हर बोतल के एवज में दस रुपये मिलेंगे। योजना का मकसद नैनीताल में जहां-तहां पड़ी शराब की बोतलों जमा करना है। फिलहाल योजना शहर में लागू की जा रही है, बाद में इसे पूरे जिले में लागू किया जाएगा।
IAS Dhiraj Garbyal Good Thinking About Bottle Recycling
मंगलवार को डीएम धीराज गर्ब्याल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक हुई। जिसमें वेस्टेज प्लास्टिक व मदिरा की खाली बोतलों को जहां-तहां फेंकने पर रोक लगाने को लेकर चर्चा हुई। डीएम ने आबकारी अधिकारियों से रिसाइकिलिंग संस्था से संपर्क बनाते हुए शराब की बोतलों पर क्यूआर कोड लगाना सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता से खरीदी हुई बोतल दोबारा संबंधित दुकानों पर बने वेस्ट मटेरियल कलेक्शन सेंटर पर वापस करने पर उपभोक्ता को दस रुपये रिफंड के तौर पर मिलेंगे। अगर कोई भी व्यक्ति खाली बोतल को कलेक्शन सेंटर पर जमा करता है, तो उसे भी दस रुपये दिए जाएंगे। पहले योजना को शहर में लागू किया जाएगा, बाद में इसे पूरे जिले में लागू किया जा सकता है। बता दें कि डीएम धीराज गर्ब्याल पहले भी अपने अभिनव प्रयोगों के लिए खूब तारीफें पा चुके हैं। अब उन्होंने शहर की खूबसूरती को बचाने के लिए शानदार काम करने का बीड़ा उठाया है। उम्मीद है जल्द ही ऐसी योजना दूसरे पर्वतीय जिलों में भी लागू की जाएगी।