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90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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चमोली: चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में जबर्दस्त उत्साह दिख रहा है। वैसे तो चारधाम यात्रा आगामी 22 अप्रैल से शुरू होगी, लेकिन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
इस बार चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है। और भी कई नई व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। आप भी यात्रा पर जाना चाहते हैं तो जल्द से जल्द रजिस्ट्रेशन करा लें। रजिस्ट्रेशन का प्रोसेस क्या है, ये हम बताएंगे। प्रथम चरण में केदारनाथ और बदरीनाथ धामों के लिए पंजीकरण किए जाएंगे। दोनों धामों के लिए प्रतिदिन 55 से 60 प्रतिशत पंजीकरण होंगे। प्रथम चरण में केदारनाथ व बदरीनाथ के लिए प्रतिदिन क्रमश: नौ हजार व 10000 पंजीकरण किए जाएंगे। 21 फरवरी से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। श्रद्धालु ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने के साथ ही कॉल कर के भी रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। पंजीकरण के लिए चार माध्यम हैं। आगे पढ़िए
जो लोग ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना चाहते हैं वो वेबसाइट registrationandtouristcare.uk.gov.in पर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। ऐप touristcareuttrakhand पर भी रजिस्ट्रेशन की सुविधा है। वॉट्सएप के जरिए रजिस्ट्रेशन कराने के लिए वॉट्सऐप नंबर 91-8394833833 पर (Yatra टाइप करें)। श्रद्धालु टोल फ्री नंबर 0135-1364 पर भी रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। यात्रा को लेकर पर्यटन पुलिस की तैयारी भी पूरी है। चारधाम यात्रा में ड्यूटी करने वाले पर्यटन पुलिसकर्मियों को विभिन्न राज्यों की भाषाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि दक्षिण भारत क्षेत्र से आने वाले श्रद्धालुओं को भाषायी आधार पर समस्या का सामना न करना पड़े। भाषा संबंधी परेशानी को देखते हुए पुलिस विभाग ने चार धाम यात्रा में तैनात पुलिसकर्मियों को कुछ क्षेत्रीय भाषा सिखाने की योजना बनाई है। बता दें कि 22 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खोले जाएंगे। इसी के साथ चारधाम यात्रा शुरू हो जाएगी। केदारनाथ धाम के कपाट 25 अप्रैल और बदरीनाथ धाम के कपाट 27 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे।