Advertisement
जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
Example Ads Media
देहरादून: बीते साल सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने देश में नए वाहनों के लिए एक नये पंजीकरण चिह्न यानी भारत सीरीज (BH-सीरीज) की शुरुआत की है।
इससे ये फायदा होगा कि जब वाहन का मालिक एक राज्य से दूसरे राज्य में शिफ्ट होता है तो इस पंजीकरण चिह्न वाले निजी वाहन को नए पंजीकरण चिह्न अलॉट किए जाने की जरूरत नहीं होगी। अब उत्तराखंड के लोग भी इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। नई सीरीज को लेकर टेस्टिंग की गई थी, जो कि सफल रही। प्रदेश में पिछले करीब एक माह से टेस्टिंग की जा रही थी। टेस्टिंग सफल होने के बाद अब बीएच सीरीज का नंबर आवंटन करने की सुविधा शुरू हो गई है। अब वाहन मालिक जरूरी अर्हताएं उपलब्ध करवाकर नंबर ले सकेंगे। इस सीरीज में वाहन संख्या जारी होने पर वाहन के ऊपर स्टेट कोड नहीं बल्कि बीएच यानी भारत का कोड होगा।
इस सीरीज से यह फायदा होगा कि काम या दूसरी वजहों से अलग-अलग राज्यों में रहने वाले लोगों को वहां लोकल आरटीओ से नया नंबर नहीं लेना पड़ेगा। इससे समय और धन दोनों की ही बचत होगी। बीएच सीरीज का नंबर लेने के लिए वाहन स्वामी को संबंधित डीलर के पास जरूरी कागज देने होंगे। इसमें मुख्य रूप से उसे यह साबित करना होगा कि वह जिस विभाग में काम करता है, उसके कार्यालय अन्य राज्यों में भी हैं। केंद्र सरकार की नौकरी में कार्यरत वाहन स्वामी को अपने आईडी कार्ड की फोटो प्रति लगानी होगी। निजी संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों को विभाग से मिला एक फॉर्म-16 भरना होगा और संस्था का कार्य प्रमाण पत्र लगाना होगा। बीएच सीरीज वाले वाहन को अगर कोई कर्मचारी अन्य को बेचता है तो बीएच सीरीज का नंबर निरस्त हो जाएगा और उसे फिर से शहर की सीरीज का नंबर मिलेगा।